जंतर-मंतर विवाद के बाद उत्तराखंड पुलिस की कार्रवाई, शेर सिंह को सेवा से बर्खास्त किया गया

पिथौरागढ़, 05 अगस्त 2026 । उत्तराखंड पुलिस ने कांस्टेबल शेर सिंह को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। यह कार्रवाई उस घटनाक्रम के बाद हुई, जब उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित एक छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस की वर्दी में सार्वजनिक रूप से अपना इस्तीफा देने की घोषणा की थी। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आ गया था। विभागीय जांच और अनुशासनात्मक प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुलिस विभाग ने उनके खिलाफ सेवा से बर्खास्तगी की कार्रवाई की।

बताया कि शेर सिंह पिथौरागढ़ जिले में आरक्षी के पद पर तैनात था और पहले से निलंबित चल रहा था। हाल ही में दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन में वह पुलिस की वर्दी पहनकर मंच पर पहुंचा। शेर सिंह ने CJP के समर्थन में भाषण देते हुए इस्तीफा देने की घोषणा की थी। इसके बाद उत्तराखंड पुलिस ने इसको लेकर जांच शुरू की।

20 जुलाई 2026 को निलंबित

कुमाऊं रेंज की आईजी निवेदिता कुकरेती ने वीडियो सामने आने के बाद कहा था कि शेर सिंह 28 जून 2026 से पिथौरागढ़ से अनुपस्थित चल रहा है। एसपी पिथौरागढ़ ने उसे नोटिस जारी किया था, लेकिन जवाब नहीं मिलने पर 20 जुलाई 2026 को उसे निलंबित कर दिया गया। पिथौरागढ़ के पुलिस अधीक्षक कोंडे ने आदेश में कहा कि विभागीय जांच और उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर शेर सिंह का आचरण गंभीर दुराचार की श्रेणी में पाया गया। यह उत्तराखंड पुलिस अधिनियम, 2007 तथा उत्तराखंड राज्य कर्मचारी आचरण नियमावली, 2002 के प्रावधानों का उल्लंघन है। पुलिस संगठन की अनुशासनात्मक गरिमा और जनता के विश्वास को बनाए रखने के लिए उसे सेवा से बर्खास्त किया गया है।

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