उत्तराखंड: राफ्टिंग के शौकीनों के लिए खुशखबरी, गंगा का जलस्तर मिला अनुकूल; इस दिन से शुरू हो सकती है राफ्टिंग
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ऋषिकेश। गंगा में रिवर राफ्टिंग का इंतजार कर रहे लोगों के लिए राहत की खबर है। मानसून के कारण बंद चल रही राफ्टिंग जल्द दोबारा शुरू हो सकती है। शनिवार को विभिन्न विभागों की संयुक्त टीम ने गंगा नदी में रैकी कर जलस्तर और नदी के बहाव का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान नदी की स्थिति राफ्टिंग के लिए उपयुक्त पाई गई।
संयुक्त टीम ने मरीन ड्राइव से मुनिकीरेती के खारास्रोत तक करीब 25 किलोमीटर के हिस्से में नदी का निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने पांच राफ्ट और 15 कयाक के साथ गंगा के बहाव, जलस्तर और रैपिड्स की स्थिति को बारीकी से देखा।


गंगा नदी राफ्टिंग प्रबंधन समिति के अध्यक्ष धर्मेंद्र नेगी के अनुसार रैकी के दौरान गंगा का जलस्तर राफ्टिंग संचालन के लिए अनुकूल पाया गया है। निरीक्षण की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। अनुमति मिलने के बाद 23 सितंबर से राफ्टिंग शुरू किए जाने की उम्मीद है।
आमतौर पर गंगा में राफ्टिंग का सीजन एक सितंबर से 30 जून तक रहता है। जुलाई और अगस्त में मानसून के दौरान नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण राफ्टिंग बंद कर दी जाती है।
इस बार सितंबर में भी लगातार बारिश के चलते गंगा का जलस्तर सामान्य से अधिक रहा। इसी वजह से एक सितंबर से राफ्टिंग दोबारा शुरू नहीं हो सकी। अब संयुक्त टीम की रैकी के बाद इसके जल्द शुरू होने की उम्मीद बढ़ गई है।
रैकी में वन विभाग मुनिकीरेती-नरेंद्रनगर, आईटीबीपी शिवपुरी, सिंचाई विभाग नरेंद्रनगर और गंगा नदी राफ्टिंग प्रबंधन समिति की टीम शामिल रही। टीम में अरविंद भारद्वाज, भीम सिंह चौहान, ऋषि राणा, विशाल भंडारी और रूप नरेश राणा समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
