फरीदाबाद महिला टीचर मर्डर केस में नया मोड़
दो साल की जान-पहचान के बाद बातचीत बंद होने पर हत्या का आरोप
फरीदाबाद, 05 अगस्त 2026 । फरीदाबाद के चर्चित महिला शिक्षक हत्याकांड की जांच में नया मोड़ सामने आया है। पुलिस जांच के अनुसार, प्रारंभिक जानकारी में पता चला है कि मृतक शिक्षिका और आरोपी पिछले करीब दो वर्षों से एक-दूसरे के संपर्क में थे। जांच में यह भी सामने आया है कि हाल के दिनों में दोनों के बीच बातचीत बंद हो गई थी। पुलिस का संदेह है कि इसी बात से नाराज होकर आरोपी ने वारदात को अंजाम दिया। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष साक्ष्यों के आधार पर ही निकाला जाएगा।
30 सेकेंड में 30 से अधिक बार चाकूओं से वार
बता दें कि गांव सिकरौना निवासी 26 साल की मंगलवार की सुबह शिक्षिका संध्या की धौज थानाक्षेत्र के गांव कोट निवासी अमित कुमार(21) कुमार ने 30 सेकेंड में 30 से अधिक बार चाकूओं से वार कर स्कूल में ही हत्या कर दी थी। इसका घटना का सीसीटीवी सामने आया जिसमें वह ताबड़तोड़ शिक्षिका पर हमला करते हुए नजर आ रहा है। एसीपी अमन यादव ने बताया कि क्राइम ब्रांच सिकरौना की टीम ने तत्काल घेराबंदी करके आरोपी अमित को गिरफ्तार कर लिया है।
जांच अधिकारियों के अनुसार, दोनों के बीच कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल संवाद और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की गहन पड़ताल की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि दोनों के संबंधों की प्रकृति क्या थी, बातचीत क्यों बंद हुई और घटना से पहले दोनों के बीच क्या परिस्थितियां बनीं। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल डेटा और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों को भी महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में शामिल किया गया है।
पुलिस का कहना है कि आरोपी कथित तौर पर स्कूल परिसर में पहुंचा और महिला शिक्षक पर चाकू से कई वार किए, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि वारदात पूरी तरह पूर्व नियोजित थी या किसी तत्काल विवाद का परिणाम। मामले में उपलब्ध सभी डिजिटल और फॉरेंसिक साक्ष्यों की जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर स्कूल परिसरों की सुरक्षा, महिलाओं की सुरक्षा और संवेदनशील मामलों में समय पर हस्तक्षेप की आवश्यकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने, प्रवेश नियंत्रण बढ़ाने तथा किसी भी प्रकार की धमकी या उत्पीड़न की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने की आवश्यकता है। पुलिस ने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद आरोपपत्र अदालत में प्रस्तुत किया जाएगा।