नई दिल्ली, 05 अगस्त 2026 । होम लोन, ऑटो लोन और पर्सनल लोन लेने की योजना बना रहे लोगों को अगले दो महीनों तक ब्याज दरों में किसी बड़ी राहत की उम्मीद नहीं है। मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों और मौद्रिक नीति के संकेतों को देखते हुए फिलहाल बैंकों द्वारा लोन की ब्याज दरों में तत्काल कटौती की संभावना कम मानी जा रही है। ऐसे में मौजूदा कर्जदारों की EMI भी निकट भविष्य में घटने की उम्मीद नहीं है।
RBI की मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी, यानी MPC की तीन दिन चली बैठक के बाद गवर्नर संजय मल्होत्रा ने आज 5 अगस्त को बताया कि दुनियाभर में जारी उठापटक की वजह से महंगाई बढ़ी है। इसके चलते फिलहाल ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
RBI का यह फैसला अपनी बचत के पैसे बैंक में रखने वालों के लिए राहतभरा है, क्योंकि FD पर मिलने वाला ब्याज फिलहाल कम नहीं होगा। हालांकि, सभी बैंक RBI के बताए मुताबिक ब्याज दरें एक जैसी नहीं रखते, वे अपनी लागत और बाजार को देखकर इसमें थोड़ा बदलाव कर सकते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक केंद्रीय बैंक अपनी नीतिगत ब्याज दरों में बदलाव नहीं करता, तब तक अधिकांश बैंक और वित्तीय संस्थान लोन की ब्याज दरों में कटौती करने से बच सकते हैं। यही कारण है कि फ्लोटिंग रेट पर लोन लेने वाले ग्राहकों की मासिक किस्तों (EMI) में भी फिलहाल कोई बड़ी कमी देखने को नहीं मिल सकती। हालांकि, अलग-अलग बैंकों की आंतरिक नीतियों और फंडिंग लागत के आधार पर ब्याज दरों में मामूली बदलाव संभव है।
वित्तीय सलाहकारों का मानना है कि जिन ग्राहकों का लोन फ्लोटिंग ब्याज दर पर है, उन्हें मौजूदा ब्याज दरों के साथ अपनी वित्तीय योजना बनाकर चलना चाहिए। वहीं, नया लोन लेने वाले ग्राहक विभिन्न बैंकों की ब्याज दरों, प्रोसेसिंग फीस और अन्य शर्तों की तुलना करने के बाद ही निर्णय लें। बेहतर क्रेडिट स्कोर वाले ग्राहकों को अपेक्षाकृत प्रतिस्पर्धी ब्याज दरें मिलने की संभावना रहती है।
आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले महीनों में महंगाई, आर्थिक वृद्धि और केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति के फैसले यह तय करेंगे कि ब्याज दरों में कब और कितना बदलाव होगा। फिलहाल उधारकर्ताओं को तत्काल सस्ते लोन या EMI में राहत की उम्मीद करने के बजाय आगामी नीतिगत फैसलों पर नजर बनाए रखनी चाहिए।