रुद्रप्रयाग में बेटियों के लिए ‘प्रोजेक्ट स्नेह’ की पहल, मासिक धर्म से लेकर POCSO और बाल विवाह तक दी जा रही कानूनी जानकारी

रुद्रप्रयाग , 04 सितंबर2026 ।  उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में बेटियों को स्वास्थ्य, सुरक्षा और कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए ‘प्रोजेक्ट स्नेह’ के तहत अभियान चलाया जा रहा है। इस पहल में किशोरियों को उन विषयों की जानकारी दी जा रही है, जिनका उनके दैनिक जीवन और भविष्य से सीधा संबंध है। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में जिला प्रशासन द्वारा प्रोजेक्ट स्नेह चलाया जा रहा है। प्रोजेक्ट स्नेह बालिका सुरक्षा, जागरूकता एवं परामर्श कार्यक्रम को लेकर संचालित हो रहा है। प्रोजेक्ट स्नेह का उद्देश्य स्कूलों में अध्ययनरत बालिकाओं के विकास, सशक्तिकरण एवं सामाजिक, शैक्षणिक, स्वास्थ्य और सर्वांगीण संरक्षण को सुनिश्चित करना है। खासकर उन स्कूलों को प्राथमिकता दी गई जहां बालिकाओं से संबंधित प्रकरण संज्ञान में आए हैं।

स्कूलों में कैंप आयोजित

प्रोजेक्ट स्नेह के तहत 5 अगस्त को राजकीय इण्टर कॉलेज मनसूना, 12 अगस्त को राजकीय इण्टर कॉलेज परकण्डी, 19 अगस्त को राजकीय इण्टर कॉलेज ल्वारा और 24 अगस्त को राजकीय इण्टर कॉलेज लमगौण्डी में कैंप आयोजित किया गया। इन कार्यक्रमों में जिला स्तरीय अधिकारी, महिला पुलिस उपनिरीक्षक, जिला बाल कल्याण समिति के सदस्य और चिकित्साधिकारी मौजूद रहे।

कार्यक्रम में शिक्षा, स्वास्थ्य (मासिक धर्म स्वच्छता सहित), किशोरियों की सुरक्षा कानून ( Pocso Act ), बाल विवाह उन्मूलन एवं साइबर सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर बालिकाओं को जागरूक किया गया। रुद्रप्रयाग के प्रोजेक्ट स्नेह को लेकर बेटियों में भी खासा उत्साह देखने को मिल रही है।

बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता

बाल विवाह को लेकर भी किशोरियों को कानून और इसके दुष्परिणामों की जानकारी दी जा रही है। उन्हें बताया जा रहा है कि कम उम्र में विवाह शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यक्तिगत विकास पर गंभीर असर डाल सकता है। जागरूकता के जरिए बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों को रोकने में बेटियों की भूमिका मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।

स्वास्थ्य और सुरक्षा को साथ लेकर चलने पर जोर

‘प्रोजेक्ट स्नेह’ में केवल कानूनी जागरूकता तक सीमित रहने के बजाय किशोरियों के स्वास्थ्य और व्यक्तिगत सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को भी शामिल किया जा रहा है। इससे बेटियों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और अपने प्रति होने वाले गलत व्यवहार को पहचानने में मदद मिल सकती है।

ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की जरूरत

रुद्रप्रयाग जैसे पहाड़ी जिले में दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य और कानूनी जागरूकता पहुंचाना महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे कार्यक्रम किशोरियों को जरूरी जानकारी उपलब्ध कराने के साथ परिवार और समाज में भी संवेदनशील मुद्दों पर संवाद का माहौल तैयार कर सकते हैं।

Leave A Reply

Your email address will not be published.