नई दिल्ली, 28 जुलाई 2026 । भारत में सेकंड हैंड वाहन खरीदने और बेचने की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए नए वाहन नियम लागू किए गए हैं। इन नियमों का सबसे महत्वपूर्ण प्रावधान यह है कि यदि किसी अधिकृत वाहन डीलर के माध्यम से खरीदी या बेची गई सेकंड हैंड गाड़ी का स्वामित्व (Ownership Transfer) छह महीने के भीतर नए खरीदार के नाम पर ट्रांसफर नहीं होता है, तो उस अवधि तक वाहन की जिम्मेदारी डीलर के पास रहेगी। इस बदलाव का उद्देश्य वाहन खरीदने वाले उपभोक्ताओं को कानूनी सुरक्षा प्रदान करना, फर्जी लेनदेन पर रोक लगाना और सड़क सुरक्षा को मजबूत करना है।
अधिकारियों ने बताया कि असल में कई बार डीलर जिस भी खरीदार को गाड़ी बेचते हैं, उसे कई बार महीनों तक असल मालिक से ट्रांसफर नहीं कराते हैं। ऐसे में अगर नए खरीदार ने उस गाड़ी को चलाते वक्त कोई ट्रैफिक नियम तोड़ा तो चालान असल मालिक के पास पहुंचते हैं। उस गाड़ी का क्राइम में इस्तेमाल होने का भी डर रहता है। ऐसी तमाम आशंकाओं को खत्म करते हुए नए नियमों में यह व्यवस्था की जा रही है कि अगर छह महीने के अंदर गाड़ी खरीदार के नाम ट्रांसफर नहीं की गई तो वह अपने आप डीलर की ओनरशिप में आ जाएगी।
नए नियमों के तहत अधिकृत डीलर को वाहन खरीदने के बाद उसका डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रखना होगा। साथ ही वाहन के मालिक, इंश्योरेंस, टैक्स, फिटनेस और अन्य दस्तावेजों का पूरा सत्यापन करना अनिवार्य होगा। यदि वाहन किसी अपराध, दुर्घटना या ट्रैफिक उल्लंघन में शामिल पाया जाता है और स्वामित्व समय पर ट्रांसफर नहीं किया गया है, तो जांच एजेंसियां सबसे पहले डीलर से जवाब मांग सकती हैं।
वाहन बेचने वाले व्यक्ति को भी यह सुनिश्चित करना होगा कि बिक्री के बाद आरसी (RC) का ट्रांसफर समय पर पूरा हो जाए। केवल सेल एग्रीमेंट या पैसे का लेनदेन पर्याप्त नहीं माना जाएगा। दूसरी ओर खरीदार को वाहन खरीदने से पहले आरसी, इंश्योरेंस, पॉल्यूशन सर्टिफिकेट (PUC), टैक्स, चेसिस नंबर, इंजन नंबर और किसी भी लंबित चालान की जांच अवश्य करनी चाहिए।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन नियमों से सेकंड हैंड वाहन बाजार में पारदर्शिता बढ़ेगी, फर्जी दस्तावेजों के जरिए होने वाली धोखाधड़ी कम होगी और उपभोक्ताओं का भरोसा मजबूत होगा। साथ ही अधिकृत डीलरों की जवाबदेही तय होने से वाहन खरीदने और बेचने की पूरी प्रक्रिया अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनेगी। इसलिए यदि आप पुरानी कार, बाइक या अन्य वाहन खरीदने या बेचने की योजना बना रहे हैं, तो नए वाहन नियमों की जानकारी रखना बेहद जरूरी है।