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भवन मानचित्र स्वीकृति के लिए नहीं काटने पड़ेंगे अनापत्ति प्रमाणपत्र के चक्कर
हल्द्वानी में प्राधिकरण कार्यालय ने लागू किया सिंगल विंडो सिस्टम, विभागों से ऑनलाइन पहुंचेगी एनओसी
हल्द्वानी। जिला विकास प्राधिकरण से भवन मानचित्र स्वीकृत कराने वाले लोगों को अब अलग-अलग विभागों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। भवन मानचित्र स्वीकृति की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए प्राधिकरण कार्यालय में सिंगल विंडो सिस्टम लागू कर दिया गया है। इसके तहत संबंधित विभागों से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) ऑनलाइन ही प्राधिकरण तक पहुंचेगी।


नई व्यवस्था के तहत आवेदक को एनओसी के लिए संबंधित विभागों के कार्यालयों में जाकर दस्तावेज जमा कराने और चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। प्राधिकरण के सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से ही विभागों से एनओसी प्राप्त की जाएगी।
जानकारी के अनुसार, भवन मानचित्र स्वीकृति के लिए आवेदक को पुलिस, अग्निशमन, वन विभाग, भू-तत्व एवं खनिकर्म विभाग, ऊर्जा निगम, जल संस्थान सहित संबंधित विभागों से एनओसी की आवश्यकता होती है। अब इन विभागों से एनओसी लेने की प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से पूरी होगी।
समय सीमा पूरी होने पर डिफॉल्ट एनओसी का प्रावधान
व्यवस्था में आवासीय मामलों में संबंधित विभाग द्वारा सात दिन और व्यावसायिक मामलों में 15 दिन के भीतर एनओसी जारी नहीं किए जाने पर उसे डिफॉल्ट एनओसी मानते हुए आवेदक के भवन मानचित्र की स्वीकृति की कार्रवाई शुरू की जा सकेगी।
बताया गया है कि पिछले दिनों जिलाधिकारी एवं प्राधिकरण उपाध्यक्ष ललित मोहन रयाल ने भवन मानचित्र स्वीकृति की प्रक्रिया को सरल बनाने के निर्देश दिए थे। इसी के बाद प्राधिकरण में सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया गया है।
प्राधिकरण के सचिव मनीष कुमार सिंह के अनुसार, नई व्यवस्था का उद्देश्य भवन मानचित्र स्वीकृति की प्रक्रिया को आसान बनाना है, ताकि आवेदकों को विभिन्न विभागों के चक्कर न लगाने पड़ें और उन्हें एक ही स्थान से आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने की सुविधा मिल सके।
