नई दिल्ली, 04 अगस्त 2026 । दिल्ली में ट्रैफिक कर्मियों को निशाना बनाकर कथित तौर पर उगाही और ब्लैकमेलिंग करने वाले गिरोह के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार तेज हो रही है। मामले में फरार चल रहे गैंग के सदस्य रियाजुद्दीन की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने दबिश बढ़ा दी है। जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी लंबे समय से पुलिस को चकमा दे रहा है, लेकिन उसके संभावित ठिकानों और संपर्कों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
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अदालत ने कहा कि इससे पहले आरोपी के खिलाफ एक और NBW जारी होना जरूरी है और 18 अगस्त को पेश होने के निर्देश दिए हैं। पुलिस के मुताबिक, दिसंबर 2025 में दर्ज मकोका केस में सरगना राजकुमार उर्फ राजू समेत 7 गिरफ्तार हो चुके हैं। जांच अधिकारी एसीपी संजय नागपाल और एसआई अमित ने BNSS की धारा 84 के तहत कार्रवाई की अर्जी दी थी। पुलिस का दावा है कि रियाजुद्दीन भी वीडियो में हेरफेर कर ब्लैकमेल करने और उगाही की साजिश में शामिल था।
पुलिस की जांच में सामने आया है कि यह गिरोह कथित रूप से ट्रैफिक कर्मियों के साथ विवादित स्थितियों के वीडियो या अन्य सामग्री का इस्तेमाल कर उन्हें ब्लैकमेल करने और अवैध रूप से धन उगाही करने की कोशिश करता था। इस मामले में पहले भी कई आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है, जबकि फरार आरोपियों की तलाश लगातार जारी है।
जांच अधिकारियों का कहना है कि रियाजुद्दीन की भूमिका की गहन पड़ताल की जा रही है। उसके मोबाइल रिकॉर्ड, वित्तीय लेनदेन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जा रही है ताकि गिरोह के पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके। पुलिस का दावा है कि फरार आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं और संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है।
इस कार्रवाई का उद्देश्य न केवल फरार आरोपियों को कानून के दायरे में लाना है, बल्कि ऐसे संगठित ब्लैकमेलिंग और उगाही नेटवर्क पर प्रभावी रोक लगाना भी है। पुलिस ने कहा है कि मामले की जांच जारी है और जांच पूरी होने के बाद सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।