इस्लामाबाद, 29 जुलाई 2026 । पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने Pakistan-occupied Kashmir> (PoK) में चल रहे प्रदर्शनों को लेकर विवादित बयान दिया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने प्रदर्शनकारियों की तुलना “भारत जैसे दुश्मन” से करते हुए कहा कि ऐसे तत्व देश की स्थिरता और सुरक्षा के लिए चुनौती बन रहे हैं। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक और कूटनीतिक स्तर पर चर्चा तेज हो गई है।
आसिफ का यह बयान उस समय आया है, जब पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर यानी PoK में पुलिस की फायरिंग में 30 प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई और 50 से ज्यादा लोग घायल हो गए। यहां चुनाव के विरोध में जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने मार्च निकाला था।
प्रदर्शनकारी PoK विधानसभा की 12 शरणार्थी सीटों को खत्म करने की मांग कर रहे हैं। हिंसा के बाद पाकिस्तान ने पूरे PoK में अतिरिक्त सेना, पैरा मिलिट्री और आर्म्ड कॉन्स्टेबुलरी तैनात कर दी है। पूरे क्षेत्र में धारा-144 लागू कर इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गई हैं।
हाल के महीनों में PoK के विभिन्न इलाकों में महंगाई, बिजली संकट, कर व्यवस्था और अन्य स्थानीय मुद्दों को लेकर कई बार विरोध प्रदर्शन हुए हैं। प्रदर्शनकारी स्थानीय प्रशासन से अपनी मांगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इसी संदर्भ में रक्षा मंत्री की टिप्पणी सामने आई, जिसने नया विवाद खड़ा कर दिया।
पाकिस्तान सरकार का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है, जबकि प्रदर्शनकारी अपने आंदोलन को स्थानीय समस्याओं से जुड़ा बता रहे हैं। इस बीच, विपक्षी दलों और विभिन्न संगठनों ने भी सरकार के रवैये और बयानबाजी पर सवाल उठाए हैं।
फिलहाल रक्षा मंत्री के बयान को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं जारी हैं। यह मामला पाकिस्तान की आंतरिक राजनीति और PoK की मौजूदा स्थिति को लेकर बहस का विषय बना हुआ है। हालांकि, प्रदर्शनकारियों को लेकर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और विभिन्न पक्ष अपने-अपने दावे पेश कर रहे हैं।