बिहार में UCC को लेकर BJP-JDU आमने-सामने

संजय सरावगी बोले- ‘पांचों पांडव मिलकर निकाल लेंगे हल’

पटना , 19  सितंबर 2026 । बिहार में समान नागरिक संहिता यानी UCC को लेकर NDA के भीतर अलग-अलग राय सामने आने के बाद सियासी बहस तेज हो गई है। BJP के बिहार प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा है कि बिहार में UCC लागू होगा और गठबंधन के सभी घटक दल बातचीत के जरिए मतभेदों का समाधान निकालेंगे। उन्होंने इसके लिए महाभारत के ‘पांचों पांडव’ का उदाहरण दिया।

वहीं, JDU की ओर से हाल के दिनों में UCC को लेकर व्यापक चर्चा और प्रावधानों को देखने की बात कही गई है। इससे साफ है कि मुद्दे पर NDA के भीतर संवाद की प्रक्रिया जारी है।

2029 तक BJP शासित राज्यों में UCC को लागू करना है: संजय सरावगी

संजय सरावगी एक निजी न्यूज चैनल के कार्यक्रम में शामिल हुए थे। यहां जेडीयू की यूसीसी को लेकर अलग राय पर सवाल किया तो संजय सरावगी ने कहा कि बीजेपी शासित राज्यों में हम लोगों को यूसीसी को लागू करना है। इसके लिए अभी बहुत समय है। 2029 तक बीजेपी शासित राज्यों में यूसीसी को लागू करना है। हम लोग आपस में बैठेंगे और बात करके इसका हल निकाल लेंगे।

संजय सरावगी ने क्या कहा?

एक कार्यक्रम में UCC पर JDU की अलग राय को लेकर सवाल पूछे जाने पर संजय सरावगी ने कहा कि NDA के घटक दल आपस में बैठकर इस मुद्दे पर बातचीत करेंगे। उन्होंने कहा कि संसद में जिस तरह UCC को लेकर साथ काम किया गया, उसी तरह बिहार में भी बातचीत से रास्ता निकाला जाएगा।

NBT की 19 सितंबर की रिपोर्ट के मुताबिक, सरावगी ने यह भी कहा कि BJP शासित राज्यों में 2029 तक UCC लागू करने का लक्ष्य बताया गया है और बिहार में भी गठबंधन के नेता बैठकर इस विषय पर समाधान निकालेंगे।

‘पांचों पांडव’ का उदाहरण क्यों दिया?

संजय सरावगी ने NDA के सहयोगी दलों की एकजुटता बताने के लिए ‘पांचों पांडव’ का उदाहरण दिया। उनका कहना था कि अगर UCC को लेकर किसी घटक दल की कोई आशंका या आपत्ति है, तो सभी पक्ष साथ बैठकर उस पर चर्चा करेंगे।

उन्होंने धारा 370 और राम मंदिर जैसे मुद्दों का भी उदाहरण दिया और कहा कि जिन विषयों पर पहले लंबी बहस होती थी, उन पर राजनीतिक प्रक्रिया के जरिए फैसले हुए।

हालांकि, सरावगी के बयान में बिहार में UCC लागू करने की कोई निश्चित तारीख नहीं बताई गई है। उन्होंने मुख्य रूप से बातचीत और गठबंधन के भीतर समाधान की प्रक्रिया पर जोर दिया।

JDU का UCC पर क्या रुख है?

JDU के नेताओं ने UCC को लेकर BJP से अलग सावधानीपूर्ण रुख रखा है। 15 सितंबर को बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा था कि पार्टी प्रस्तावित UCC के प्रावधानों का अध्ययन करेगी और यदि प्रावधान स्वीकार्य हुए तो बिना वजह विरोध नहीं करेगी। उन्होंने यह भी कहा था कि बिहार में इस मुद्दे पर फैसला NDA के सहयोगियों से चर्चा के बाद होगा।

इससे पहले JDU नेता श्याम रजक ने बिहार में UCC लागू करने का विरोध किया था। वहीं पार्टी के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के लिए समय मांगा था, ताकि पार्टी की चिंताओं पर चर्चा की जा सके।

BJP और JDU के बीच कहां है अंतर?

BJP की ओर से UCC को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर स्पष्ट समर्थन जारी है। वहीं JDU का कहना है कि इतने संवेदनशील विषय पर व्यापक चर्चा जरूरी है और कानून के वास्तविक प्रावधान सामने आने के बाद ही रुख तय किया जाएगा।

यानी मौजूदा स्थिति में दोनों दलों के बीच मुख्य अंतर UCC के सिद्धांत से ज्यादा उसके प्रावधानों, प्रक्रिया और बिहार में लागू करने के तरीके को लेकर दिखाई दे रहा है। हालांकि, JDU के अलग-अलग नेताओं के बयानों में भी अंतर रहा है, इसलिए पार्टी के अंतिम संस्थागत रुख को लेकर आगे की बातचीत महत्वपूर्ण होगी।

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