रोहित गोदारा गैंग पर दिल्ली-गुजरात पुलिस का बड़ा शिकंजा
12 करोड़ की हेरोइन के साथ कुलदीप स्वामी गिरफ्तार
नई दिल्ली, 19 सितंबर 2026 । दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और गुजरात पुलिस की वडोदरा सिटी क्राइम ब्रांच ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए रोहित गोदारा-महेंद्र डेलाना नेटवर्क से जुड़े 31 वर्षीय कुलदीप स्वामी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी के कब्जे और उसकी निशानदेही पर करीब 2 किलो हेरोइन बरामद की गई, जिसकी कीमत लगभग 12 करोड़ रुपये आंकी गई है। पुलिस ने इस कार्रवाई को कथित नार्को-एक्सटॉर्शन नेटवर्क के खिलाफ अहमac कार्रवाई बताया है।
आरोपी को हो चुकी पहचान
आरोपी की पहचान राजस्थान के चूरू निवासी कुलदीप स्वामी (31) के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके कब्जे से करीब दो किलो हेरोइन, एक मारुति स्विफ्ट डिजायर और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक, बरामद हेरोइन की कीमत करीब 12 करोड़ रुपये है और इसे पाकिस्तानी मूल की बताया गया है। आरोपी गुजरात में दर्ज 10 करोड़ रुपये की रंगदारी के एक मामले में भी वॉन्टेड था।
चांदनी चौक से हुई आरोपी की गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार, कुलदीप स्वामी राजस्थान के चूरू का रहने वाला है। उसे 12 सितंबर की शाम करीब साढ़े पांच बजे दिल्ली के चांदनी चौक इलाके में कूचा घासी राम स्थित बीकानेर स्वीट्स के पास पकड़ा गया।
आरोपी के पास से एक कार की चाबी और एक करेंसी नोट मिला। पुलिस के मुताबिक, इस नोट का इस्तेमाल कथित तौर पर हवाला लेन-देन में पहचान सत्यापित करने के लिए किया जाता था। पूछताछ के बाद पुलिस टीम ने नजफगढ़ के जय विहार फेज-1 में खड़ी स्विफ्ट डिजायर कार की तलाशी ली।
पुलिस के मुताबिक, कार की डिक्की में स्पेयर व्हील के पास एक विशेष गुप्त चैंबर बनाया गया था। इसी जगह से चार पैकेटों में रखी करीब दो किलो हेरोइन बरामद की गई।
पुलिस ने इसे पाकिस्तान मूल की हेरोइन बताया है और इसकी अनुमानित कीमत करीब 12 करोड़ रुपये बताई गई है। मामले में NDPS Act की संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई है।
10 करोड़ की रंगदारी के मामले से जुड़ा था इनपुट
इस पूरे ऑपरेशन की शुरुआत गुजरात के वडोदरा में दर्ज एक कथित 10 करोड़ रुपये की रंगदारी के मामले की जांच से हुई। वडोदरा क्राइम ब्रांच को जानकारी मिली थी कि रंगदारी की पहली किस्त दिल्ली में पहुंचाई जानी है। इसके बाद गुजरात पुलिस ने दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के साथ जानकारी साझा की और संयुक्त कार्रवाई की गई।
पुलिस का दावा है कि कुलदीप स्वामी इस नेटवर्क में रंगदारी की रकम पहुंचाने और मादक पदार्थों की सप्लाई से जुड़े काम करता था। जांच में कथित तौर पर दिल्ली-NCR और राजस्थान में रंगदारी वसूली तथा ड्रग्स तस्करी के बीच कनेक्शन सामने आया है।
जांच के दौरान पुलिस ने दावा किया कि कुलदीप 5 सितंबर को महेंद्र डेलाना के निर्देश पर अमृतसर गया था। अगले दिन उसने कथित तौर पर दो अज्ञात लोगों से दो किलो हेरोइन ली और उसे कार के गुप्त चैंबर में छिपाकर दिल्ली लेकर आया।
अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि अमृतसर में उसे ड्रग्स की खेप किसने दी और दिल्ली में इसे आगे किसे पहुंचाया जाना था। साथ ही पुलिस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाल रही है।
इंस्टाग्राम और टेलीग्राम से होती थी पहचान
पुलिस के मुताबिक, कथित नेटवर्क में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम और टेलीग्राम का इस्तेमाल किया जाता था। पहचान की पुष्टि के लिए कोड वर्ड, लाइव लोकेशन और करेंसी नोट की तस्वीर जैसे तरीकों का इस्तेमाल किए जाने की बात जांच में सामने आई है।
पुलिस अब कथित हवाला चैनल, ड्रग्स सप्लाई लाइन और नेटवर्क से जुड़े दूसरे लोगों का पता लगाने में जुटी है। इस मामले में दो मोबाइल फोन और ड्रग्स ले जाने के लिए इस्तेमाल बताई गई कार भी जब्त की गई है।
पुलिस अब नेटवर्क की अगली कड़ी तलाश रही
पुलिस के अनुसार, कुलदीप स्वामी कथित तौर पर दिल्ली-NCR और राजस्थान में 5 लाख से 50 लाख रुपये तक की रंगदारी की रकम पहुंचाने का काम करता था। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं और ड्रग्स तथा रंगदारी की रकम का आपस में क्या संबंध है।
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और आरोपी से पूछताछ के आधार पर कथित नेटवर्क के अन्य सदस्यों और ड्रग्स सप्लाई चैन तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।