किसान परिवार से छात्र राजनीति के शिखर तक पहुंचे मयंक बहुगुणा
ABVP को हराकर गढ़वाल यूनिवर्सिटी में रचा इतिहास
गढ़वाल, 12 सितंबर 2026। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के बिड़ला परिसर में हुए छात्रसंघ चुनाव में एनएसयूआई के मयंक बहुगुणा ने सचिव पद पर जीत दर्ज कर सबका ध्यान खींचा है। मयंक ने एबीवीपी के उम्मीदवार पंकज को 300 से ज्यादा मतों के अंतर से हराया। दो साल बाद इस पद पर एनएसयूआई की जीत हुई है। गढ़वाल सेंट्रल यूनिवर्सिटी पौड़ी जिले के श्रीनगर गढ़वाल क्षेत्र में हैं। यहां से बीजेपी सरकार में मंत्री डॉ धन सिंह रावत विधायक हैं। धन सिंह भी छात्र राजनीति से बीजेपी में आए हैं। धन सिंह का छात्र राजनीति से लेकर संगठन में अच्छी पकड़ मानी जाती है। जिस वजह से छात्र संघ चुनाव में एबीवीपी की करारी हार से टेंशन बढ़ सकती है। इस साल प्रदेश में विधानसभा चुनाव भी होने हैं। छात्र संघ चुनाव परिणाम ने पार्टी को अलर्ट कर दिया है।
कौन हैं मयंक बहुगुणा?
मयंक बहुगुणा उत्तराखंड के खिर्सू क्षेत्र से ताल्लुक रखते हैं। वह किसान परिवार से आते हैं और छात्र राजनीति में एनएसयूआई से जुड़े हुए हैं। ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति में अपनी पहचान बनाने वाले मयंक की जीत को उनके समर्थक बड़ी उपलब्धि के तौर पर देख रहे हैं।
ABVP के उम्मीदवार को 300 से ज्यादा वोटों से हराया
गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के बिड़ला परिसर में छात्रसंघ चुनाव के दौरान सचिव पद पर मुकाबला एनएसयूआई के मयंक बहुगुणा और एबीवीपी के पंकज के बीच रहा। नतीजे में मयंक ने 300 से ज्यादा मतों के अंतर से जीत दर्ज की। इस परिणाम के साथ एनएसयूआई ने दो साल बाद सचिव पद पर वापसी की है।