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लालकुआं। लालकुआं विधायक के एक वीडियो में कथित तौर पर जनता के लिए ‘नालायक’ और ‘बिना पेंदे के लोटे’ जैसे शब्दों के इस्तेमाल को लेकर भाकपा माले ने विरोध जताया है। पार्टी की राज्य कमेटी सदस्य विमला पाल और बिंदुखत्ता एरिया कमेटी सचिव पुष्कर दुबड़िया ने प्रेस बयान जारी कर विधायक के कथित बयान की कड़ी निंदा की।
भाकपा माले नेताओं ने कहा कि सरकार या विधायक की नीतियों के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन करना जनता का अधिकार है। ऐसे प्रदर्शन में शामिल लोगों के लिए इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना आपत्तिजनक है।


विधायक पर लगाए गंभीर आरोप
विमला पाल और पुष्कर दुबड़िया ने आरोप लगाया कि सार्वजनिक बैठक में रैली या प्रदर्शन करने वाले लोगों को ‘नालायक’ और ‘बिना पेंदे का लोटा’ कहना जनप्रतिनिधि के पद की गरिमा के अनुरूप नहीं है।
उन्होंने कहा कि जनता अपने प्रतिनिधि को क्षेत्र की समस्याओं और जनहित के मुद्दों को विधानसभा में उठाने के लिए चुनती है। उनके मुताबिक जनप्रतिनिधि से यह अपेक्षा होती है कि वह जनता की बात सुने और सम्मानजनक भाषा का इस्तेमाल करे।
भाजपा पर भी साधा निशाना
भाकपा माले नेताओं ने आरोप लगाया कि विधायक के कथित बयान से भाजपा का जनता के प्रति नजरिया सामने आता है। उन्होंने इसे जनता के सम्मान से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार और जनप्रतिनिधियों के फैसलों का विरोध करना नागरिकों का अधिकार है।
उन्होंने कहा कि सार्वजनिक पद पर बैठे व्यक्ति को अपनी भाषा और व्यवहार की मर्यादा का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
सार्वजनिक रूप से खेद जताने की मांग
भाकपा माले नेताओं ने विधायक से उनके कथित बयान पर स्थिति स्पष्ट करने और सार्वजनिक रूप से खेद व्यक्त करने की मांग की। उन्होंने कहा कि जनता का सम्मान सर्वोपरि है और उसके सम्मान से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
पार्टी नेताओं ने चेतावनी दी कि जनता आने वाले समय में इस मामले का जवाब देगी।
कई कार्यकर्ता रहे शामिल
प्रेस बयान जारी करने वालों में भाकपा माले के नैन सिंह कोरंगा, कमल जोशी, चंदन राम, निर्मला शाही, आनंद सिंह दानू और हरीशचंद्र सिंह भंडारी समेत अन्य कार्यकर्ता शामिल रहे।
