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उत्तराखंड में एक सप्ताह और झेलनी पड़ सकती है बिजली कटौती की मार
देहरादून। जल विद्युत और थर्मल पावर उत्पादन प्रभावित होने का सीधा असर प्रदेश की बिजली आपूर्ति पर पड़ा है। देहरादून, हरिद्वार और नैनीताल को छोड़कर प्रदेश के अन्य शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में अभी करीब एक सप्ताह तक बिजली कटौती से जूझना पड़ सकता है।
बुधवार को भी देहरादून, हरिद्वार और नैनीताल को छोड़कर अधिकांश शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती जारी रही। रुद्रपुर, हल्द्वानी, ज्वालापुर, काशीपुर और रुड़की जैसे बड़े शहरों में करीब आधे घंटे, जबकि छोटे शहरों में लगभग एक घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में दो घंटे तक बिजली कटौती की गई। औद्योगिक क्षेत्रों में भी बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिसका असर खासतौर पर फर्नेस आधारित उद्योगों पर पड़ रहा है।
बिजली संकट पर अफसर तलब
बिजली संकट को लेकर बुधवार को प्रमुख सचिव ऊर्जा आर. मीनाक्षी सुंदरम ने ऊर्जा निगमों के अधिकारियों को तलब किया। सचिवालय में हुई बैठक में बिजली संकट से निपटने के लिए हर संभव कदम उठाने के निर्देश दिए गए।
वहीं, स्टील इंडस्ट्री में भी लंबी कटौती की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक 26 सितंबर से बिजली आपूर्ति की स्थिति में सुधार आने की संभावना जताई जा रही है।
यूजेवीएनएल के एमडी पीसी ध्यानी ने बताया कि जल विद्युत और कोल पावर परियोजनाओं से बिजली उत्पादन प्रभावित होने के कारण प्रदेश में बिजली आपूर्ति पर असर पड़ा है। उत्पादन में सुधार होने के साथ ही कटौती की स्थिति भी सामान्य होने की उम्मीद है।
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