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हल्द्वानी: उत्तराखंड मूल के वरिष्ठ IPS अधिकारी और असम के पूर्व पुलिस महानिदेशक बीडी खर्कवाल का 17 सितंबर 2026 की सुबह 90 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। बीमारी के चलते उनके निधन की खबर से पुलिस और प्रशासनिक जगत में शोक की लहर है।
उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने बीडी खर्कवाल के निधन पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का निधन पुलिस और प्रशासनिक क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।


बीडी खर्कवाल असम-मेघालय कैडर के 1959 बैच के IPS अधिकारी थे। सेवानिवृत्ति के बाद वह अपने परिवार के साथ हल्द्वानी में रह रहे थे। उनका कुमाऊं और हल्द्वानी से लंबे समय से पारिवारिक जुड़ाव रहा।
परिवार में पत्नी और दो बच्चे
बीडी खर्कवाल के परिवार में उनकी पत्नी नीलिमा खर्कवाल, एक पुत्र और एक पुत्री हैं। उनके पुत्र अमिताभ खर्कवाल भारतीय डाक सेवा में महानिदेशक के पद से वर्ष 2024 में सेवानिवृत्त हुए हैं।
नैनीताल पुलिस ने दी अंतिम सलामी
बीडी खर्कवाल के हल्द्वानी स्थित आवास पर नैनीताल पुलिस, SSB और CRPF के अधिकारियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान SSP नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी मौजूद रहे। पुलिस की ओर से उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया।
SSP नैनीताल ने उनके लंबे पुलिस सेवाकाल और महत्वपूर्ण योगदान को याद करते हुए परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। इस दौरान SSB 57वीं वाहिनी सितारगंज के कमांडेंट गंगा सिंह उदावत और CRPF हल्द्वानी के डिप्टी कमांडेंट अजय प्रताप सिंह समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
रानीबाग में हुआ अंतिम संस्कार
श्रद्धांजलि के बाद बीडी खर्कवाल के पार्थिव शरीर को रानीबाग स्थित चित्रशिला घाट ले जाया गया। यहां परिजनों और अन्य गणमान्य लोगों की मौजूदगी में उनका अंतिम संस्कार किया गया।
असम में उग्रवाद के दौर में निभाई अहम जिम्मेदारी
बीडी खर्कवाल ने अपने लंबे पुलिस सेवाकाल के दौरान पूर्वोत्तर भारत में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। असम में उग्रवाद के चुनौतीपूर्ण दौर में उन्होंने कानून-व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े दायित्व निभाए।
नवंबर 1990 में ULFA उग्रवादियों के खिलाफ Operation Bajrang शुरू होने के समय वह गुवाहाटी में केंद्रीय खुफिया अधिकारियों के साथ अभियान से जुड़े प्रमुख अधिकारियों में शामिल रहे।
1993-94 में रहे असम के DGP
बीडी खर्कवाल ने वर्ष 1993-94 में असम के पुलिस महानिदेशक के तौर पर भी सेवाएं दीं। पुलिस विभाग के मुताबिक पूर्वोत्तर में उनकी लंबी सेवा और प्रशासनिक योगदान को सम्मान के साथ याद किया जाता है।
उत्तराखंड और कुमाऊं से भी रहा जुड़ाव
बीडी खर्कवाल का उत्तराखंड से भी गहरा संबंध रहा। उन्होंने SSB रानीखेत और इंटेलिजेंस ब्यूरो यानी IB नैनीताल में भी सेवाएं दीं। सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने हल्द्वानी को अपना निवास बनाया था।
नैनीताल पुलिस के अधिकारियों ने दिवंगत पूर्व DGP को श्रद्धांजलि देते हुए उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
