नई दिल्ली, 05 अगस्त 2026 । दिल्ली में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) कार्यक्रम का संशोधित शेड्यूल जारी कर दिया गया है। चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट के सत्यापन और अपडेट की प्रक्रिया के लिए नई समय-सीमा तय करते हुए 8 अगस्त से 17 अगस्त तक का संशोधित कार्यक्रम लागू किया है। इसके साथ ही मतदाताओं के विवरण के सत्यापन (Verification) की प्रक्रिया को एक सप्ताह और बढ़ा दिया गया है, ताकि अधिक से अधिक पात्र मतदाताओं का नाम सही तरीके से मतदाता सूची में शामिल किया जा सके।
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के अनुरोध पर चुनाव आयोग ने यह फैसला लिया है। आयोग का कहना है कि मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र मतदाता छूटे नहीं और मृत, डुप्लीकेट, स्थान बदल चुके या अन्य अपात्र लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए जा सकें। अभी तक बड़ी संख्या में मतदाताओं का वेरिफिकेशन पूरा नहीं हो पाया है, इसलिए समय बढ़ाया गया है।
चुनाव आयोग के अनुसार, संशोधित कार्यक्रम का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना है। इस दौरान नए मतदाताओं के पंजीकरण, मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाने, व्यक्तिगत विवरण में संशोधन और अन्य दावों एवं आपत्तियों पर भी कार्रवाई की जाएगी। आयोग ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी प्रक्रियाएं तय समय-सीमा के भीतर पूरी की जाएं।
नई तारीखें क्या हैं?
- घर-घर वेरिफिकेशन अब 8 अगस्त की जगह 17 अगस्त तक चलेगा।
- ड्राफ्ट मतदाता सूची अब 24 अगस्त को प्रकाशित होगी।
- दावे और आपत्तियां 24 अगस्त से 23 सितंबर तक दर्ज कराई जा सकेंगी।
- इनका निपटारा 22 अक्टूबर तक किया जाएगा।
- अंतिम मतदाता सूची अब 27 अक्टूबर को जारी होगी।
मतदाताओं से भी अपील की गई है कि वे इस अवधि के दौरान अपने नाम, पता, आयु और अन्य विवरण की जांच कर लें। यदि किसी प्रकार की त्रुटि या बदलाव की आवश्यकता हो, तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर उसे समय रहते ठीक कराया जा सकता है। चुनाव आयोग का मानना है कि विस्तारित सत्यापन अवधि से अधिक से अधिक पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करने में मदद मिलेगी।
राजधानी में आगामी चुनावी तैयारियों के मद्देनजर मतदाता सूची का सही और अद्यतन होना बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि शुद्ध मतदाता सूची निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया की आधारशिला होती है। ऐसे में संशोधित SIR कार्यक्रम से मतदाता सूची की गुणवत्ता और विश्वसनीयता को और मजबूत करने में सहायता मिलेगी।