मसूरी , 26 सितंबर 2026 । मसूरी के महामना पंडित मदन मोहन मालवीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय (MPG कॉलेज) में छात्रसंघ चुनाव को लेकर विवाद बढ़ गया है। नामांकन पत्रों की जांच के दौरान ABVP के उपाध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष पद के प्रत्याशियों के नामांकन निरस्त किए जाने के बाद कॉलेज परिसर में विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गया। स्थिति बिगड़ने के बाद कॉलेज प्रशासन ने फिलहाल पूरी चुनाव प्रक्रिया को होल्ड कर दिया है।
वहीं एनएसयूआई के वरिष्ठ नेता जगपाल गोसाईं और शहर अध्यक्ष दक्ष पवार अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठ गए। आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक कॉलेज में निष्पक्ष और नियमानुसार छात्रसंघ चुनाव नहीं कराए जाते, उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कॉलेज प्रशासन और स्थानीय प्रशासन पर राजनीतिक दबाव में काम करने का आरोप लगाया। हालांकि, इन आरोपों पर प्रशासन और कॉलेज प्रबंधन का पक्ष सामने आना अभी बाकी है।
नामांकन रद्द होने के बाद कॉलेज में बढ़ा विवाद
तीन प्रत्याशियों के नामांकन निरस्त होने की जानकारी सामने आने के बाद ABVP से जुड़े छात्रों ने आपत्ति जताई। दूसरी तरफ NSUI और अन्य छात्र संगठनों से जुड़े छात्रों ने भी कॉलेज परिसर में प्रदर्शन शुरू कर दिया।
विवाद बढ़ने के बाद छात्र नेता कॉलेज प्रशासन के सामने धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने छात्रसंघ चुनाव प्रक्रिया को नियमों के मुताबिक और पारदर्शी तरीके से कराने की मांग की।
NSUI की ओर से कॉलेज प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए हैं। संगठन के नेताओं ने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया में राजनीतिक हस्तक्षेप किया जा रहा है। हालांकि, यह आरोप छात्र संगठन की ओर से लगाए गए हैं और कॉलेज प्रशासन की ओर से राजनीतिक दबाव की पुष्टि नहीं की गई है।
छात्र संगठनों का कहना है कि छात्रसंघ चुनाव निर्धारित नियमों और लिंगदोह समिति की सिफारिशों के अनुसार होना चाहिए। उनका कहना है कि नामांकन की जांच और आगे की चुनावी प्रक्रिया को लेकर स्पष्टता जरूरी है।
चुनाव प्रक्रिया क्यों हुई होल्ड?
हंगामे और विरोध-प्रदर्शन के बीच कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुनील पवार ने पूरी स्थिति से विश्वविद्यालय के कुलपति को ई-मेल के माध्यम से अवगत कराया। कॉलेज प्रशासन के मुताबिक अब विश्वविद्यालय से मिलने वाले निर्देश के बाद ही चुनाव प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।
प्राचार्य की ओर से यह भी कहा गया कि परिसर में बने माहौल को देखते हुए फिलहाल चुनाव प्रक्रिया रोकना जरूरी था, ताकि आगे की प्रक्रिया विश्वविद्यालय के निर्देशों के अनुसार कराई जा सके।
नामांकन निरस्त होने के बाद उपाध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष पदों की चुनावी तस्वीर बदल गई। रिपोर्टों के मुताबिक, इन पदों पर अन्य प्रत्याशियों के नहीं रहने की स्थिति में निर्विरोध निर्वाचन की स्थिति बन सकती थी। हालांकि, चुनाव प्रक्रिया होल्ड होने के कारण फिलहाल अंतिम स्थिति स्पष्ट नहीं है।
वहीं, अध्यक्ष पद के लिए ABVP, NSUI और मसूरी छात्र संगठन के प्रत्याशियों ने नामांकन किया था। ऐसे में विश्वविद्यालय के अगले निर्देश के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि चुनाव किस कार्यक्रम के तहत आगे बढ़ेगा।
छात्रों का धरना जारी
चुनाव प्रक्रिया को लेकर NSUI, जौनपुर छात्र संगठन और मसूरी छात्र संगठन से जुड़े छात्रों ने धरना शुरू किया। प्रदर्शनकारी चुनाव कराने और पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
वहीं, विवाद के बीच पुलिस भी कॉलेज परिसर पहुंची थी, ताकि स्थिति को नियंत्रण में रखा जा सके। अब सभी की नजर विश्वविद्यालय प्रशासन के अगले निर्देश पर है।
विश्वविद्यालय के फैसले से साफ होगी चुनाव की तस्वीर
मसूरी MPG कॉलेज छात्रसंघ चुनाव को लेकर फिलहाल अंतिम फैसला विश्वविद्यालय के निर्देश के बाद ही सामने आएगा। एक तरफ कॉलेज प्रशासन नामांकन जांच को निर्धारित नियमों के तहत की गई कार्रवाई बता रहा है, वहीं छात्र संगठन प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं।
अब यह देखना होगा कि विश्वविद्यालय प्रशासन नामांकन निरस्तीकरण और चुनाव प्रक्रिया को लेकर क्या दिशा-निर्देश देता है और छात्रसंघ चुनाव किस नई समय-सारणी के तहत कराया जाता है।