नई दिल्ली, 21 सितंबर 2026 । राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के इतिहास में इस साल एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड समारोह का आयोजन पहली बार दिल्ली से बाहर गुजरात के एकता नगर (केवड़िया) में किया जाएगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 22 सितंबर 2026 को विजेताओं को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्रदान करेंगी।
नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स की शुरुआत 1954 में हुई थी। शुरुआती समारोह दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित हुआ था और इसके बाद अधिकांश समारोह राजधानी में ही होते रहे। अब 72वें संस्करण के साथ इस परंपरा में बड़ा बदलाव किया जा रहा है।
72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों (नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स) में फिल्म ‘आर्टिकल 370’ को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म, फिल्म ‘श्रीकांत’ को सर्वश्रेष्ठ हिंदी फिल्म और यामी गौतम को लीडिंग रोल में बेस्ट एक्ट्रेस का पुरस्कार दिया जाएगा। वहीं, ‘भ्रमयुगम’ के लिए ममूटी और ‘चंदू चैंपियन’ के लिए कार्तिक आर्यन को लीडिंग रोल में बेस्ट एक्टर का पुरस्कार दिया जाएगा।
इस अवॉर्ड के 72 साल के इतिहास में पहली बार यह समारोह दिल्ली के बाहर आयोजित हो रहा है और इस बार गुजरात को इसकी मेजबानी सौंपी गई है। इसे लेकर एकतानगर में जोर-शोर से तैयारियां चल रही हैं।
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी में मेहमानों के लिए AC जर्मन डोम तैयार किया गया है, जिसमें 1,000 लोगों के बैठने की व्यवस्था है। इसके अलावा मेहमानों को गुजराती के फेमस व्यंजन परोसे जाएंगे।
72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड में किन फिल्मों और कलाकारों को सम्मान
72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के विजेताओं की घोषणा 18 जुलाई 2026 को की गई थी। ये पुरस्कार वर्ष 2024 में भारतीय सिनेमा में किए गए काम के लिए दिए जा रहे हैं। ‘आर्टिकल 370’ को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म चुना गया, जबकि इसी फिल्म के लिए यामी गौतम को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार मिला।
अभिनेता वर्ग में ममूटी को ‘ब्रह्मयुगम’ और कार्तिक आर्यन को ‘चंदू चैंपियन’ के लिए संयुक्त रूप से सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार दिया गया है। वहीं रणदीप हुड्डा को ‘स्वातंत्र्य वीर सावरकर’ के लिए सर्वश्रेष्ठ नवोदित निर्देशक का सम्मान मिला।
इसके अलावा ‘कल्कि 2898 एडी’, ‘पुष्पा: द रूल पार्ट-02’, ‘स्त्री 2’ और ‘अमरन’ जैसी फिल्मों को भी अलग-अलग श्रेणियों में सम्मान मिला है।
गुजरात में समारोह को लेकर क्यों हो रही चर्चा?
गुजरात में नेशनल फिल्म अवॉर्ड समारोह आयोजित किए जाने के फैसले ने फिल्म जगत में भी चर्चा पैदा की है। फिल्म निर्देशक राहुल ढोलकिया ने समारोह को गुजरात स्थानांतरित किए जाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर आयोजन दिल्ली से बाहर किया जाना था तो महाराष्ट्र, केरल, तमिलनाडु या हैदराबाद जैसे लंबे सिनेमाई इतिहास वाले केंद्रों पर भी विचार किया जा सकता था। यह उनकी व्यक्तिगत सार्वजनिक प्रतिक्रिया है।
हालांकि, आधिकारिक तौर पर केंद्र सरकार ने समारोह को अलग-अलग राज्यों और शहरों तक ले जाने की व्यापक योजना की बात कही है। इसलिए इस बदलाव को केवल गुजरात तक सीमित निर्णय के रूप में नहीं, बल्कि राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह के आयोजन को विभिन्न क्षेत्रों तक पहुंचाने की नीति के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है।
गुजराती सिनेमा का भी रहा है अहम योगदान
गुजराती सिनेमा ने भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। फिल्म ‘हेल्लारो’ पहली गुजराती फिल्म बनी थी जिसे सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था। राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के आधिकारिक दस्तावेज में भी इसे पहली गुजराती फिल्म के रूप में दर्ज किया गया है जिसने यह सम्मान हासिल किया।
ऐसे में गुजरात में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह का आयोजन राज्य के फिल्म और सांस्कृतिक क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है। हालांकि इस आयोजन का मुख्य आकर्षण राष्ट्रीय पुरस्कार विजेताओं को सम्मानित करना होगा।
अब देश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचेगा समारोह
72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड का गुजरात में आयोजन केवल वेन्यू बदलने तक सीमित नहीं है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने कहा है कि भविष्य के संस्करण देश के अलग-अलग राज्यों और शहरों में आयोजित किए जाएंगे। इससे राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के आयोजन को अलग-अलग क्षेत्रों की फिल्म संस्कृति से जोड़ने की कोशिश की जाएगी।
इस तरह 22 सितंबर 2026 को एकता नगर में होने वाला समारोह राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के इतिहास में एक नए चरण की शुरुआत करेगा। 72 साल बाद दिल्ली से बाहर हो रही यह सेरेमनी भारतीय सिनेमा की क्षेत्रीय विविधता और देश के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद फिल्म संस्कृति को राष्ट्रीय मंच से जोड़ने के लिहाज से महत्वपूर्ण रहेगी।