झज्जर, 29 सितंबर 2026 । हरियाणा के झज्जर जिले के बादली गांव का रहने वाला मैनपाल बादली उर्फ मैनपाल ढिल्ला 2018 में हिसार सेंट्रल जेल से छह सप्ताह की पैरोल पर बाहर आया था। उसे निर्धारित समय पर वापस जेल लौटना था, लेकिन वह फरार हो गया। इसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की और उसकी गिरफ्तारी पर इनाम भी घोषित किया गया।
मैनपाल उस समय हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा था। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, डकैती और आपराधिक धमकी समेत कई मामले दर्ज हैं। अलग-अलग रिकॉर्ड में उसके खिलाफ 22 से 24 मामलों का उल्लेख मिलता है।
नकली पासपोर्ट बनवाया और भागा विदेश
पुलिस और इंटेलिजेंस रिपोर्ट के मुताबिक, मैनपाल ने सोनू कुमार के नाम से नकली पासपोर्ट बनाया। इस पासपोर्ट में उसने खुद को गुरुग्राम का निवासी बताया। बाद की जांच में गुरुग्राम का पता फर्जी पाए जाने पर उसके खिलाफ पासपोर्ट एक्ट के तहत भी एफआईआर दर्ज की गई। नकली पहचान के आधार पर वह भारत से बाहर चला गया। 7 जुलाई 2019 को वह कोलकाता एयरपोर्ट से बैंकॉक के लिए रवाना हुआ। पुलिस पूछताछ में मैनपाल ने बताया कि वह करीब 20 से 22 दिन थाईलैंड में रहा और इसके बाद कंबोडिया चला गया।
कंबोडिया में खोला डिस्को और रेस्टोरेंट
भारत में पुलिस की तलाश के बीच मैनपाल ने कंबोडिया के सिएम रीप में नया जीवन शुरू किया। उसके बयान के मुताबिक, वहां उसकी मुलाकात मेटाचान से हुई और दोनों साथ रहने लगे।
रिपोर्टों के अनुसार, कुछ समय बाद दोनों ने मिलकर करीब 10 हजार डॉलर में घर खरीदा। इसके बाद मैनपाल ने वहां कारोबार शुरू किया। उसने ‘कोंटियाई’ नाम का डिस्को और ‘अंगकोर’ नाम का रेस्टोरेंट खोला।
कंबोडिया में रहने के दौरान मैनपाल ने परिवार भी बसाया। रिपोर्टों के मुताबिक, उसके और मेटाचान के बच्चे भी हुए। 2025 में उसकी गिरफ्तारी और भारत वापसी के बाद उसकी कंबोडिया में बिताई जिंदगी की जानकारी जांच एजेंसियों के सामने आई।
इससे पहले 2025 में Hindustan Times ने रिपोर्ट किया था कि सिएम रीप में वह पब और रेस्टोरेंट चला रहा था और कथित तौर पर अच्छी आमदनी कर रहा था। उस रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने यह भी कहा था कि उसके भारत से भागने के बाद वहां से किसी नए जबरन वसूली या धमकी वाले ऑपरेशन का सबूत नहीं मिला था।
पैरोल से फरार होने के बाद मैनपाल की गिरफ्तारी के लिए हरियाणा पुलिस ने इनाम घोषित किया था। अलग-अलग रिपोर्टों में इनाम की राशि 5 लाख से 7 लाख रुपये तक बताई गई है।
कई वर्षों तक वह भारतीय एजेंसियों की पहुंच से बाहर रहा। इस दौरान उसने कंबोडिया में अपनी पहचान और कारोबार का नेटवर्क तैयार कर लिया था।
इंटरपोल के जरिए सामने आया ठिकाना
जांच एजेंसियों ने उसकी तलाश के लिए इंटरपोल का भी सहारा लिया। Aaj Tak की रिपोर्ट के अनुसार, CBI ने नवंबर 2024 में इंटरपोल के माध्यम से उसके खिलाफ रेड नोटिस जारी कराया था। इसके बाद कंबोडिया में उसकी मौजूदगी की जानकारी भारतीय एजेंसियों तक पहुंची।
जुलाई 2025 में कंबोडियाई अधिकारियों ने उसकी गिरफ्तारी की जानकारी दी। इसके बाद भारतीय अधिकारियों ने उसे वापस लाने की प्रक्रिया पूरी की और वह भारत लाया गया।
अब भारत में जेल में बंद है मैनपाल
भारत लौटने के बाद मैनपाल को दोबारा गिरफ्तार किया गया और उसके खिलाफ लंबित मामलों में कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई गई। सितंबर 2026 की रिपोर्टों के मुताबिक वह हरियाणा की जेल में बंद है।
हाल ही में उसे अपनी कंबोडियाई पार्टनर मेटाचान से शादी के लिए 12 घंटे की कस्टडी पैरोल भी दी गई थी। कड़ी सुरक्षा के बीच झज्जर के एक फार्महाउस में शादी की रस्में हुईं।
मैनपाल ढिल्ला का मामला इस वजह से चर्चा में है कि एक सजायाफ्ता कैदी पैरोल की अवधि में वापस जेल नहीं लौटा और बाद में कथित फर्जी पहचान के जरिए विदेश पहुंच गया। कंबोडिया में उसने वर्षों तक परिवार और कारोबार के साथ जीवन बिताया, जबकि भारत में एजेंसियां उसकी तलाश कर रही थीं।
अब उसकी कंबोडिया में गतिविधियों, फर्जी दस्तावेजों और भारत में लंबित आपराधिक मामलों से जुड़े पहलुओं पर कानूनी प्रक्रिया जारी है।