दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 5 राज्यों में अवैध हथियार सप्लाई करने वाले गैंग के 8 आरोपी गिरफ्तार

नई दिल्ली, 05 अगस्त 2026 । दिल्ली पुलिस ने अंतरराज्यीय अवैध हथियार तस्करी के नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच राज्यों में हथियारों की सप्लाई करने वाले एक गैंग के आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह कथित तौर पर विभिन्न राज्यों में अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त और सप्लाई का संगठित नेटवर्क चला रहा था। कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से हथियार और अन्य आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की गई, जिनकी जांच की जा रही है।

डीसीपी (स्पेशल सेल) नर्श चैतन्य के मुताबिक, एसीपी कैलाश बिष्ट की देखरेख में बनी इंस्पेक्टर राहुल कुमार, विनीत कुमार और अजीत कुमार की टीम ने 5 जुलाई को मथुरा के हरीश चंद्र (24) को आठ पिस्टल और आठ मैगजीन समेत दबोचा। वह गैंग सरगना शीशपाल सिंह के निर्देश पर अपने भाई भगत सिंह के साथ मध्य प्रदेश के सेंधवा से हथियार लाकर विभिन्न राज्यों में सप्लाई करता था।

MP और अलीगढ़ से हथियार खरीदते थे

गुड़गांव से 7 जुलाई को प्रीतपाल सिंह (24) और फरीदाबाद से अलीगढ़ के शीशपाल (26) को भी पकड़ा गया। अलीगढ़ के कुलदीप सागर (20) और अगेस कुमार (25) को दबोचा गया। शीशपाल ने खुलासा किया कि करीब तीन साल से मध्य प्रदेश और अलीगढ़ से हथियार खरीद कर विभिन्न राज्यों में सप्लाई कर रहा था। इसकी निशानदेही पर 14 जुलाई को अलीगढ़ निवासी नूर मोहम्मद (36) और मोहम्मद शान (19) को गिरफ्तार किया गया। अगले दिन मथुरा के विक्रम सिंह (36) को भी धर लिया गया। गैंग मध्य प्रदेश से पिस्टल और अलीगढ़ से तमंचे लेता था। डिमांड पर बेचता था।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ था और आरोपी अवैध हथियारों की मांग के अनुसार अलग-अलग क्षेत्रों में उनकी सप्लाई करते थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हथियार कहां से लाए जाते थे, किन लोगों तक पहुंचाए जाते थे और इस पूरे नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई जारी है।

दिल्ली पुलिस की विशेष टीमों ने तकनीकी निगरानी, खुफिया सूचना और लगातार छापेमारी के बाद इस गिरोह का पर्दाफाश किया। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों के मोबाइल फोन, वित्तीय लेनदेन और आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है, ताकि नेटवर्क के अन्य सदस्यों और संभावित सहयोगियों की पहचान की जा सके। जरूरत पड़ने पर अन्य राज्यों की पुलिस एजेंसियों के साथ भी समन्वय स्थापित किया जाएगा।

पुलिस का कहना है कि संगठित अपराध और अवैध हथियारों की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा। जांच पूरी होने के बाद बरामद साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर आरोपियों के खिलाफ संबंधित कानूनी धाराओं में आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई को अंतरराज्यीय अपराध के खिलाफ दिल्ली पुलिस की महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।

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