नई दिल्ली, भारतीय लंबी दूरी के धावक Gulveer Singh ने एथलेटिक्स में देश के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए 10,000 मीटर दौड़ में रजत पदक (सिल्वर मेडल) जीत लिया। इस प्रदर्शन के साथ वह 10,000 मीटर स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए। उनकी इस सफलता ने भारतीय एथलेटिक्स को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई है और लंबी दूरी की दौड़ में भारत की बढ़ती ताकत को भी साबित किया है।
इससे पहले महिला वेटलिफ्टर हरजिंदर कौर ने कुल 227 किलो वजन उठाकर सिल्वर जीता। भारत के 3 मुक्केबाजों ने भी अपने मैच जीतकर मेडल पक्के कर लिए हैं। तीनों सेमीफाइनल में पहुंच गए हैं।
गुलवीर और हरजिंदर के सिल्वर के बावजूद भारत मेडल टैली में नौवें नंबर पर खिसक गया है। भारत ने अब तक 2 गोल्ड समेत कुल 12 मेडल जीते हैं। भारत एक दिन पहले टैली में 8वें नंबर पर था। ऑस्ट्रेलिया 35 गोल्ड लेकर कुल 80 मेडल जीतकर टॉप पर बना हुआ है।
गुलवीर ने पूरी रेस के दौरान शानदार रणनीति और बेहतरीन फिटनेस का प्रदर्शन किया। शुरुआती चरण में संयम बनाए रखने के बाद उन्होंने अंतिम लैप्स में अपनी गति बढ़ाई और मजबूत प्रतिस्पर्धा के बीच दूसरे स्थान पर फिनिश कर इतिहास रच दिया। उनकी इस उपलब्धि की खेल जगत और देशभर में सराहना हो रही है।
हाल के वर्षों में गुलवीर सिंह ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। कई राष्ट्रीय रिकॉर्ड अपने नाम करने के बाद उन्होंने अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी पदक जीतकर भारतीय एथलेटिक्स के लिए नया अध्याय लिख दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सफलता आने वाले बड़े टूर्नामेंटों में भारतीय खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी।
गुलवीर की इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद खेल प्रेमियों और खेल संगठनों ने उन्हें बधाई दी है। माना जा रहा है कि इस प्रदर्शन से भारत में लंबी दूरी की दौड़ को और बढ़ावा मिलेगा तथा युवा एथलीटों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरणा मिलेगी।