उत्तराखंड: बिंदुखत्ता में हजारों ग्रामीणों का शक्ति प्रदर्शन, लालकुआं की सड़कों पर गूंजा नारा…अधिसूचना चाहिए, आश्वासन नहीं
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लालकुआं। बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम का दर्जा देने की मांग को लेकर रविवार को लालकुआं में बड़ा प्रदर्शन हुआ। वनाधिकार संगठन के आह्वान पर बिंदुखत्ता के अलग-अलग गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण लालकुआं पहुंचे। ग्रामीणों ने रैली निकालकर तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन किया और सरकार से जल्द राजस्व ग्राम की अधिसूचना जारी करने की मांग उठाई।
सुबह से ही बिंदुखत्ता क्षेत्र के ग्रामीण जनता इंटर कॉलेज, जड़ सेक्टर में पहुंचने लगे थे। कुछ ही देर में यहां बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। इसके बाद ग्रामीण रैली के रूप में लालकुआं बाजार की ओर रवाना हुए। रैली बाजार से होते हुए तहसील परिसर पहुंची।
आयोजकों के अनुसार सुबह करीब 11 बजे तक लगभग छह हजार ग्रामीण जड़ सेक्टर स्थित विद्यालय पहुंच चुके थे। इसके बाद भी ग्रामीणों के आने का सिलसिला जारी रहा और आयोजकों ने संख्या 10 हजार से अधिक पहुंचने का दावा किया। हालांकि भीड़ की आधिकारिक संख्या प्रशासन की ओर से अलग से जारी नहीं की गई है।
32 गांवों के सामुदायिक दावे का हवाला
वनाधिकार संगठन के अध्यक्ष उमेश चंद्र भट्ट ने कहा कि बिंदुखत्ता के 32 गांवों के 11,703 दावेदारों की ओर से वनाधिकार कानून-2006 की धारा 3(1)(ज) के तहत सामुदायिक दावे प्रस्तुत किए गए थे। उनके अनुसार, 19 जून 2024 को जिला स्तरीय वन अधिकार समिति ने इन दावों को सर्वसम्मति से पारित किया था।
उन्होंने बताया कि इसके बाद राजस्व ग्राम की अधिसूचना और बंदोबस्ती की प्रक्रिया के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया….लेकिन अभी तक अधिसूचना जारी नहीं हुई है।
आश्वासन के बजाय अधिसूचना की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम का दर्जा देने की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है। ग्रामीणों के मुताबिक इस संबंध में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को कई बार ज्ञापन भी दिए गए…लेकिन अभी तक अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।
ग्रामीणों ने कहा कि अब वे केवल आश्वासन नहीं चाहते, बल्कि राजस्व ग्राम की अधिसूचना जारी करने की दिशा में ठोस कार्रवाई चाहते हैं। बताया गया कि 15 अगस्त से पदयात्रा के जरिए क्षेत्र में जनजागरूकता अभियान भी चलाया गया था।
तटबंध निर्माण की मांग भी उठी
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने राजस्व ग्राम के साथ गौला नदी के किनारे स्थायी तटबंध बनाने की मांग भी उठाई। तहसील परिसर में धरना देकर ग्रामीणों ने अपनी मांगों को प्रशासन के सामने रखा।
सुरक्षा व्यवस्था रही कड़ी
बड़ी संख्या में ग्रामीणों के लालकुआं पहुंचने को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की ओर से सुरक्षा के इंतजाम किए गए थे। लालकुआं बाजार से तहसील परिसर तक अलग-अलग स्थानों पर पुलिस बल तैनात रहा।
रविवार को हुए इस प्रदर्शन के बाद बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम का दर्जा देने की मांग एक बार फिर चर्चा में आ गई है। ग्रामीणों ने मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही है।
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