उत्तराखंड: आंदोलन नहीं, बातचीत से निकलेगा समाधान, बिंदुखत्ता को लेकर कैड़ा बोले—सीएम धामी आपके साथ हैं
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लालकुआं। बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा देने की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच कैबिनेट मंत्री रामसिंह कैड़ा ने कहा है कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बिंदुखत्ता के लोगों को अपने परिवार का हिस्सा बताया है और समस्या का समाधान बातचीत के जरिए निकालने की बात कही है।
रामसिंह कैड़ा के मुताबिक मुख्यमंत्री ने बिंदुखत्ता के मुद्दे को कैबिनेट बैठक में रखने की बात कही है। उनका कहना है कि कैबिनेट स्तर पर इस मामले पर चर्चा कर समाधान का रास्ता तलाशा जाएगा। सरकार की कोशिश है कि आंदोलन के बजाय बातचीत के माध्यम से मामले को आगे बढ़ाया जाए।
कैड़ा ने बताया कि बिंदुखत्ता के प्रतिनिधिमंडल की मुख्यमंत्री से फोन पर बातचीत भी कराई गई है। मुख्यमंत्री की ओर से कहा गया कि बिंदुखत्ता अब एक गांव का स्वरूप ले चुका है और यहां लोग तीन पीढ़ियों से रह रहे हैं। ऐसे में आने वाली चौथी पीढ़ी को भी इसी समस्या का सामना न करना पड़े…इसके लिए स्थायी समाधान जरूरी है।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि बिंदुखत्ता के साथ ही प्रदेश के अन्य खत्तों में रहने वाले लोगों को भी सरकार परिवार की तरह मानती है। सरकार इन क्षेत्रों से जुड़े मामलों के समाधान के लिए प्रयास कर रही है।
वहीं लालकुआं के हाट बाजार स्थल पर राजस्व गांव की मांग को लेकर ग्रामीणों का जमावड़ा जारी रहा। मंच से संबोधन के दौरान कुछ वक्ताओं ने लालकुआं विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट को लेकर तीखी टिप्पणी की। इस दौरान उनके लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई।
इस पर नाराजगी जताने वाले लोगों ने कहा कि बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा देने की मांग जनता से जुड़ा गंभीर विषय है। इसे व्यक्तिगत टिप्पणी और अमर्यादित भाषा से अलग रखकर उठाया जाना चाहिए। उनका कहना था कि विरोध और असहमति दर्ज कराने का अधिकार सभी को है…लेकिन सार्वजनिक मंच से जनप्रतिनिधियों के प्रति मर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा देने की मांग लंबे समय से उठती रही है। अब सरकार की ओर से बातचीत और कैबिनेट स्तर पर मामला रखने की बात सामने आने के बाद आंदोलनकारियों की अगली रणनीति पर नजर बनी हुई है।
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