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बेस अस्पताल के शौचालय में मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला ने दिया बच्चे को जन्म
प्रसव के बाद महिला को अस्पताल में कराया भर्ती, पुलिस सुरक्षा की मांग
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हल्द्वानी। बेस अस्पताल के शौचालय में बुधवार सुबह मानसिक रूप से अस्वस्थ एक महिला ने बच्चे को जन्म दे दिया। सूचना मिलने पर अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। नर्सों की मदद से महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां नवजात की देखरेख की जा रही है। महिला की सुरक्षा के लिए पुलिस को सूचना देकर सुरक्षा की मांग की गई है।
अस्पताल की प्रभारी सीएमएस डॉ. काता किरण ने बताया कि बुधवार सुबह करीब 11 बजे महिला और उसके बच्चे को अस्पताल लाया गया। बच्चा और महिला दोनों स्वस्थ बताए गए हैं, हालांकि महिला मानसिक रूप से अस्वस्थ होने के कारण स्थिति को समझने में असमर्थ है।
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार नवजात का वजन करीब तीन किलोग्राम है। उसे एसएनसीयू में रखा गया है, जहां अस्पताल की नर्सें उसकी देखरेख के साथ दूध की व्यवस्था भी कर रही हैं।
सीएमएस ने बताया कि महिला के मानसिक रूप से अस्वस्थ होने के चलते उसकी सुरक्षा जरूरी है। पुलिस को सूचना देकर महिला को अस्पताल से कहीं जाने से रोकने और उसकी निगरानी के लिए सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की गई है। अस्पताल की ओर से पुलिस को सूचना दिए जाने के बावजूद सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मियों के अस्पताल पहुंचने की बात भी सामने आई है।
दुष्कर्म पीड़िता किशोरी की भी हुई डिलीवरी
इसी बीच बनभूलपुरा थाना क्षेत्र निवासी 14 वर्षीय दुष्कर्म पीड़िता किशोरी ने भी बुधवार को बच्चे को जन्म दिया। पुलिस ने नवजात के डीएनए टेस्ट की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मामले में आरोपी युवक बनभूलपुरा निवासी सलमान फिलहाल जेल में बंद है। पुलिस उसके भी ब्लड सैंपल लेकर जांच के लिए भेजेगी।
पुलिस के अनुसार किशोरी की मां ने जून में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि फरवरी में किशोरी दवा लेने बाजार जा रही थी, तभी रास्ते में आरोपी सलमान उसे बहला-फुसलाकर अपने घर ले गया और वहां दुष्कर्म किया। विरोध करने और शिकायत करने पर आरोपी ने किशोरी के माता-पिता को धमकी भी दी थी।
पुलिस ने किशोरी की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया था। कोर्ट के आदेश पर उसे जेल भेज दिया गया था। पुलिस अब नवजात के जैविक पिता की पुष्टि के लिए डीएनए जांच कराएगी। फिलहाल जच्चा-बच्चा दोनों चिकित्सकों की निगरानी में हैं।
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