अलिफ लैला क्लब फायरिंग केस में बड़ा खुलासा

टेरर फंडिंग और हवाला नेटवर्क से जुड़े तार; ATS ने 7 को दबोचा

पंचकूला , 22  सितंबर 2026 ।  पंचकूला के सेक्टर-11 स्थित अलिफ लैला नाइट क्लब में हुई फायरिंग की जांच अब सिर्फ आपराधिक वारदात तक सीमित नहीं रही है। हरियाणा पुलिस की जांच में मामले के तार कथित तौर पर टेरर फंडिंग, अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट और हवाला नेटवर्क से जुड़ते नजर आए हैं। इसी के बाद मामले की जांच एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) को सौंप दी गई है। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, इस मामले में अब तक कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

रात 2:30 पर चली थी फायरिंग

पंचकूला के सेक्टर-11 स्थित अलिफ-लैला नाइट क्लब में 13-14 सितंबर 2026 की रात को फायरिंग की घटना हुई थी, जिसके तार पाकिस्तान और ड्रग्स-हवाला नेटवर्क से जुड़े पाए जाने के बाद मामला एटीएस को सौंप दिया गया है। यह घटना रात लगभग 2:30 बजे बजे हुई थी। अलिफ लैला क्लब में डांस के दौरान किसी विवाद या बहस के बाद युवकों को बाहर निकाल दिया गया था। इसके बाद आरोपी दोबारा अंदर आए और दहशत फैलाने के लिए ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। इस दौरान एक 22 साल युवती मामूली रूप से घायल हो गई थी। सूचना मिलने पर सेक्टर-10 पुलिस चौकी और सेक्टर-5 थाना पुलिस पर पहुंची थी। उसने आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। पुलिस ने शुरुआती कार्रवाई में पंजाब के फिरोजपुर निवासी तीन आरोपियों लखबीर सिंह उर्फ लक्की, गुरप्रीत और करनजीत सिंह को गिरफ्तार किया था।

मुख्य आरोपी गुरप्रीत उर्फ काकू गिरफ्तार

जांच में पुलिस ने गुरप्रीत सिंह उर्फ काकू को मुख्य आरोपी के तौर पर गिरफ्तार किया। उसे पंजाब के खरड़ से पकड़ा गया था। पुलिस के मुताबिक उसके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई तुर्की निर्मित जिगाना पिस्टल, आठ जिंदा कारतूस और भागने के लिए इस्तेमाल की गई XUV-500 बरामद हुई।

हथियार की बरामदगी के बाद पुलिस ने मामले की जांच का दायरा बढ़ाया। इसी दौरान कथित तौर पर अवैध हथियारों की सप्लाई, ड्रग नेटवर्क और फंडिंग से जुड़े पहलुओं की भी जांच शुरू हुई।

ATS ने संभाली जांच, टेरर फंडिंग एंगल की पड़ताल

पुलिस जांच में टेरर फंडिंग और अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट से संभावित कनेक्शन सामने आने के बाद मामला ATS को सौंप दिया गया है। रिपोर्टों के अनुसार जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि हथियार कहां से आया, इसका सप्लायर कौन था और फायरिंग करने वाले आरोपियों के पीछे कौन लोग या नेटवर्क काम कर रहे थे।

पुलिस के अनुसार, जांच में हवाला नेटवर्क का एंगल भी सामने आया है। हालांकि, इस पूरे नेटवर्क की भूमिका और कथित टेरर फंडिंग कनेक्शन की पुष्टि जांच पूरी होने और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट होगी।

लेडी ब्लॉगर को लगी थी गोली

फायरिंग के दौरान क्लब में वीडियो शूट करने आई एक लेडी ब्लॉगर घायल हो गई थीं। स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, गोली उनकी पीठ में गर्दन के ठीक नीचे लगी थी। इससे पहले क्लब में हुए हंगामे के दौरान कांच के टुकड़े भी उनकी गर्दन में लगे थे।

घटना के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज कराया गया। फायरिंग के बाद क्लब में मौजूद लोगों और सुरक्षाकर्मियों ने तीन युवकों को पकड़ लिया था, जिन्हें बाद में पुलिस ने हिरासत में लिया।

मामले की शुरुआती कार्रवाई में लखबीर सिंह उर्फ लक्की, गुरप्रीत और करनजीत सिंह को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के मुताबिक तीनों पंजाब के फिरोजपुर जिले के रहने वाले हैं। अदालत ने शुरुआती जांच के लिए आरोपियों को छह दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा था।

इसके बाद मुख्य आरोपी गुरप्रीत सिंह उर्फ काकू की गिरफ्तारी और हथियार बरामदगी ने जांच को एक नए स्तर पर पहुंचा दिया।

पाकिस्तान सीमा से लगे इलाकों से जुड़े होने की बात

ATS की जांच के संदर्भ में सामने आई रिपोर्टों में दावा किया गया है कि शुरुआती आरोपियों के संबंध पाकिस्तान सीमा से लगे इलाकों से हैं। इसी आधार पर जांच एजेंसियां कथित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की संभावित कड़ियों को खंगाल रही हैं।

जांच का एक प्रमुख हिस्सा यह पता लगाना है कि क्लब फायरिंग की घटना किसी स्थानीय आपराधिक विवाद का परिणाम थी या इसके पीछे किसी बड़े आपराधिक अथवा वित्तीय नेटवर्क की भूमिका थी।

ATS अब हथियार सप्लाई चेन के साथ-साथ कथित ड्रग और हवाला नेटवर्क की भी जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपियों को हथियार किसने उपलब्ध कराया और फायरिंग के लिए उन्हें किसी तरह का निर्देश या आर्थिक मदद मिली थी या नहीं।

इसके अलावा अन्य क्लबों और पब से जुड़े संभावित नेटवर्क की भी जांच किए जाने की बात सामने आई है। इससे मामले का दायरा पंचकूला के एक नाइट क्लब में हुई फायरिंग से आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है।

सात गिरफ्तारियों के बाद आगे की जांच पर नजर

हरियाणा ATS की कार्रवाई के बाद अब जांच एजेंसियों की नजर कथित नेटवर्क की अगली कड़ियों पर है। फिलहाल सात आरोपियों की गिरफ्तारी की बात सामने आई है और जांच एजेंसियां आरोपियों से पूछताछ के जरिए फंडिंग, हथियारों की सप्लाई और संभावित अंतरराष्ट्रीय संपर्कों के बारे में जानकारी जुटा रही हैं।

अभी जांच जारी है, इसलिए टेरर फंडिंग, हवाला और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े आरोपों को जांच के निष्कर्ष और अदालत में सामने आने वाले साक्ष्यों के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए।

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