लोक कला से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही तनुजा, Aipan Art से उत्तराखंड की संस्कृति को दे रहीं नई पहचान

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हल्द्वानी: उत्तराखंड की लोक कला और संस्कृति को आगे बढ़ाने के साथ स्थानीय हुनर को स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में हल्द्वानी की तनुजा ज्याला काम कर रही हैं। वह पारंपरिक Aipan Art के जरिए राज्य की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान दिलाने का प्रयास कर रही हैं।

तनुजा का कहना है कि Aipan Art केवल एक पारंपरिक कला नहीं है….बल्कि यह उत्तराखंड की संस्कृति और परंपराओं से जुड़ी पहचान भी है। उनका प्रयास है कि इस कला को नई पीढ़ी तक पहुंचाया जाए और इसे आधुनिक जरूरतों के साथ जोड़कर कलाकारों के लिए रोजगार के अवसर तैयार किए जाएं।

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संस्कृति के साथ आत्मनिर्भरता पर जोर

तनुजा ज्याला स्थानीय कला और हुनर को आत्मनिर्भरता से जोड़ने की दिशा में काम कर रही हैं। उनका मानना है कि उत्तराखंड की लोक कलाओं में कलाकारों और युवाओं के लिए रोजगार की संभावनाएं मौजूद हैं।

वह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आत्मनिर्भर उत्तराखंड और ‘Vocal for Local’ के विचार से प्रेरित होकर स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक कला को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही हैं।

नई पीढ़ी को Aipan Art से जोड़ने की कोशिश

तनुजा का कहना है कि बदलते समय में पारंपरिक कलाओं को नई पीढ़ी से जोड़ना जरूरी है। उनकी कोशिश है कि Aipan Art को सिर्फ घरों की पारंपरिक सजावट तक सीमित न रखा जाए….बल्कि इसे नए माध्यमों और उत्पादों के जरिए ज्यादा लोगों तक पहुंचाया जाए।

उनका उद्देश्य उत्तराखंड की लोक कला को देश के अलग-अलग हिस्सों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान दिलाना है।

कलाकारों को सम्मान और बाजार दिलाने की कोशिश

तनुजा के अनुसार स्थानीय कलाकारों को केवल अपनी कला के लिए सम्मान ही नहीं, बल्कि उसके लिए उचित बाजार भी मिलना चाहिए। इसके लिए पारंपरिक कला को आधुनिक जरूरतों के अनुरूप आगे बढ़ाना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि मेरी कोशिश भले ही छोटी है….लेकिन मेरा सपना बहुत बड़ा है। मैं चाहती हूं कि उत्तराखंड की लोक कला और यहां के हुनरमंद कलाकारों को देश-दुनिया में एक अलग पहचान मिले।

लोकल से ग्लोबल तक पहुंचाने का लक्ष्य

तनुजा का मानना है कि स्थानीय कला, उत्पाद और प्रतिभा को प्रोत्साहन मिलने से उत्तराखंड के युवाओं के लिए आत्मनिर्भरता के नए रास्ते खुल सकते हैं। इससे युवा अपनी संस्कृति और जड़ों से जुड़े रहते हुए रोजगार की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।

Aipan Art के माध्यम से संस्कृति को संरक्षित करने और इसे नए दौर के साथ जोड़ने की तनुजा की पहल उत्तराखंड की पारंपरिक कला को आगे बढ़ाने की कोशिश है। उनका लक्ष्य स्थानीय हुनर को नई पहचान दिलाते हुए इसे ‘लोकल से ग्लोबल’ तक पहुंचाना है।

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