उत्तराखंड: बिंदुखत्ता के ग्रामीणों का बड़ा ऐलान, राजस्व ग्राम नहीं बना तो चुनाव को लेकर लिया जाएगा ये फैसला
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लालकुआं/बिंदुखत्ता। बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम घोषित करने और पंचायत चुनाव में मतदान का अधिकार दिए जाने की मांग अब फिर तेज हो गई है। क्षेत्र के ग्रामीणों और पूर्व सैनिकों ने सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तराखंड शासन मस्तू दास को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों से अवगत कराया। मस्तू दास SIR से संबंधित जांच के सिलसिले में बिंदुखत्ता पहुंचे थे।
इंदिरा नगर पहुंचने पर पूर्व सैनिक रमेश जोशी के नेतृत्व में स्थानीय नागरिकों और पूर्व सैनिकों ने निर्वाचन अधिकारी, देहरादून के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी हंसा दत्त पांडेय और तहसीलदार लालकुआं ईश्वर सिंह भी मौजूद रहे।
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ज्ञापन में ग्रामीणों ने कहा कि बिंदुखत्ता क्षेत्र के 32 ग्राम राजस्व ग्राम घोषित नहीं हैं। इसके कारण यहां के निवासी लोकसभा और विधानसभा चुनाव में मतदान करते हैं…लेकिन पंचायत चुनाव में प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य यानी BDC और जिला पंचायत के चुनाव में भाग लेने के अधिकार से वंचित हैं।
ग्रामीणों की मांग है कि बिंदुखत्ता को जल्द राजस्व ग्राम का दर्जा दिया जाए….ताकि क्षेत्र के लोगों को पंचायत स्तर पर भी चुनावी अधिकार मिल सके।
ज्ञापन में कहा गया कि वन अधिकार अधिनियम के तहत प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद बिंदुखत्ता को अब तक राजस्व ग्राम घोषित नहीं किया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि राजस्व ग्राम का दर्जा नहीं होने के कारण क्षेत्र को सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ मिलने में परेशानी हो रही है।
इस मांग को लेकर क्षेत्र में 15 अगस्त से पदयात्रा भी चल रही है। वहीं 27 सितंबर को लालकुआं तहसील में बड़े धरना-प्रदर्शन और रैली का कार्यक्रम प्रस्तावित है। स्थानीय संगठनों की ओर से इस आंदोलन की तैयारी की जा रही है।
ज्ञापन में ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर 2027 के विधानसभा चुनाव की अधिसूचना जारी होने से पहले बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम घोषित नहीं किया गया…तो क्षेत्र के 30 से 40 हजार मतदाता चुनाव बहिष्कार का फैसला ले सकते हैं।
हालांकि यह ग्रामीणों और आंदोलन से जुड़े लोगों की ओर से दी गई चेतावनी है। इसका अर्थ यह नहीं है कि चुनाव बहिष्कार का निर्णय हो चुका है।
ग्रामीणों ने निर्वाचन अधिकारी के माध्यम से शासन से मांग की है कि बिंदुखत्ता को जल्द राजस्व ग्राम घोषित किया जाए और क्षेत्र के लोगों को पंचायत चुनाव में मतदान का अधिकार दिया जाए।
ज्ञापन सौंपने वालों में पूर्व सैनिक रमेश जोशी, विक्रम धामी, राजेश भट्ट, गणेश पांडे, दयाकिशन जोशी, रमेश भट्ट सहित अन्य स्थानीय लोग शामिल रहे।
बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम का दर्जा देने की मांग लंबे समय से चली आ रही है। जुलाई 2026 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, क्षेत्र के 32 वन ग्रामों से जुड़े 11,703 परिवारों के सामुदायिक दावे को जिला स्तरीय वनाधिकार समिति ने जून 2024 में मंजूरी देकर शासन को भेजा था।
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