नई दिल्ली, 21 सितंबर 2026 । दिल्ली में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान कई चर्चित नामों के वोटर रिकॉर्ड में विसंगतियां सामने आई हैं। पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, विदेश मंत्री एस जयशंकर, पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत कई प्रमुख लोगों को नोटिस जारी किया गया है। चुनाव अधिकारियों के मुताबिक ये नोटिस मतदाता विवरण में अंतर या पुराने रिकॉर्ड से मौजूदा रिकॉर्ड का मिलान नहीं होने के कारण जारी किए गए हैं।
हालांकि, दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि नोटिस जारी होने का अर्थ वोटर लिस्ट से नाम हटना नहीं है। संबंधित मतदाताओं से दस्तावेज और जवाब लेकर रिकॉर्ड का सत्यापन किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार, पूर्व उप प्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी (98), उनकी बेटी प्रतिभा और बहू गीतिका को वर्ष 2002 की एसआईआर मतदाता सूची से उनके नाम का मिलान न हो पाने के बाद नोटिस जारी किए गए हैं, जबकि उनके बेटे जयंत ने मिलान प्रक्रिया पूरी कर ली थी। ये चारों नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के मतदाता हैं। जबकि मनीष सिसोदिया, उनकी पत्नी सीमा और बेटे मीर को भी नोटिस जारी किए गए हैं।
मनीष सिसोदिया की पत्नी को भी भेजा गया नोटिस
अधिकारियों के अनुसार, हालांकि निर्वाचन आयोग ने सिसोदिया को नोटिस भेजने का कोई कारण नहीं बताया, लेकिन मीर के नोटिस में ‘उनके माता-पिता के नाम में विसंगति’ का जिक्र है। उनकी पत्नी सीमा के नोटिस में दिया गया कारण ‘उनके नाम में फर्क’ है।
आडवाणी और सिसोदिया के विवरण में विसंगति की पुष्टि करते हुए उन्होंने कहा, ‘ऐसे मतदाताओं द्वारा दिए जाने वाले तथ्यों और दस्तावेजों के सत्यापन की उचित प्रक्रिया के बाद उनके नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे।’
एस जयशंकर और पत्नी का रिकॉर्ड ‘Unmapped’
विदेश मंत्री एस जयशंकर और उनकी पत्नी क्योको जयशंकर को भी SIR के तहत नोटिस मिला है। दोनों के रिकॉर्ड को ‘Unmapped with Last SIR’ श्रेणी में रखा गया है।
इसका सीधा अर्थ यह है कि मौजूदा मतदाता रिकॉर्ड को पिछली SIR यानी 2002 की मतदाता सूची में उपलब्ध रिकॉर्ड से लिंक नहीं किया जा सका। दोनों नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के सुंदर बाग इलाके में मतदाता के रूप में दर्ज हैं।