फरीदाबाद में सर्विस कार्बाइन से चली गोली, हेड कांस्टेबल की मौत; हादसा या कुछ और, जांच जारी

फरीदाबाद , 23  सितंबर 2026 । हरियाणा के फरीदाबाद में हरियाणा पुलिस के एक हेड कांस्टेबल की सर्विस कार्बाइन से गोली चलने के बाद मौत हो गई। घटना सेक्टर-29 पुल के पास मंगलवार को हुई। गोली पुलिसकर्मी के सीने में लगी। आसपास मौजूद पुलिसकर्मी उन्हें तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मौके से सर्विस कार्बाइन कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।

मृतक की पहचान 47 वर्षीय वीरेंद्र के रूप में हुई है। वह एस्कॉर्ट गार्ड में तैनात थे और सेक्टर-30 स्थित पुलिस लाइन में परिवार के साथ रहते थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि सर्विस कार्बाइन से गोली किन परिस्थितियों में चली।

पुलिस ने घटना की सूचना परिजनों को दे दी है। परिजन भी मौके पर पहुंच गए। गोली कैसे चली अभी ये स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस घटना की जांच करने की बात कह रही है। सवाल ये उठता है कि आखिर ऑटोमैटिक इस खतरनाक हथियार से गोली चली कैसे। क्या हथियार को लॉक नहीं किया गया था, पुलिस इसकी जांच कर रही है।

सेक्टर-29 की झोपड़ी में हुई घटना

पुलिस के अनुसार, वीरेंद्र मंगलवार को किसी काम से सेक्टर-29 इलाके में गए थे। उनके पास ड्यूटी के लिए जारी की गई सर्विस कार्बाइन भी थी। इसी दौरान वह पुल के पास बनी एक झोपड़ी में चले गए। यहां पुलिसकर्मी अक्सर आराम करने के लिए बैठते हैं और दो चारपाइयां भी रखी हुई हैं।

दोपहर करीब डेढ़ बजे आसपास ड्यूटी कर रहे ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने झोपड़ी की तरफ से गोली चलने की आवाज सुनी। वे तुरंत वहां पहुंचे तो वीरेंद्र घायल हालत में मिले। उनकी छाती में गोली लगी थी और कार्बाइन पास में पड़ी थी।

पुलिसकर्मियों ने उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी। घटना की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ अधिकारी भी मौके और अस्पताल पहुंचे।

कार्बाइन से गोली कैसे चली, यही सबसे बड़ा सवाल

इस मामले में पुलिस की जांच का मुख्य केंद्र यही है कि सर्विस कार्बाइन से गोली किस परिस्थिति में चली। अभी पुलिस ने इसे आत्महत्या या जानबूझकर की गई फायरिंग के तौर पर पुष्टि नहीं की है।

एसीपी सेंट्रल राजीव कुमार के मुताबिक पुलिस यह जांच कर रही है कि गोली कैसे चली और वीरेंद्र सेक्टर-29 क्यों गए थे। आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि यह पता चल सके कि वह वहां अकेले गए थे या उनके साथ कोई अन्य व्यक्ति भी था।

फोरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य

घटना के बाद पुलिस ने मौके को सुरक्षित कर फोरेंसिक टीम को बुलाया। घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य जुटाए गए और कार्बाइन को कब्जे में लिया गया है।

जांच अधिकारी घटना के क्रम को समझने के लिए आसपास मौजूद पुलिसकर्मियों से भी जानकारी ले रहे हैं। पुलिस यह भी देख रही है कि गोली चलने के समय वीरेंद्र की स्थिति क्या थी और हथियार उनके पास किस अवस्था में था।

परिवार को दी गई सूचना

पुलिस ने घटना की जानकारी वीरेंद्र के परिजनों को दी। सूचना मिलने के बाद परिवार के लोग अस्पताल पहुंचे। रिपोर्टों के मुताबिक वीरेंद्र मूल रूप से पलवल जिले के गांव गोड़ौता के रहने वाले थे और उनके परिवार में पत्नी तथा बच्चे हैं।

वीरेंद्र के पुलिस सेवा में शामिल होने के वर्ष को लेकर विभिन्न रिपोर्टों में अंतर है—कुछ रिपोर्ट 2001 और कुछ 2004 बताती हैं। इसलिए इस विवरण की आधिकारिक पुष्टि जांच रिकॉर्ड से होना बाकी है।

पोस्टमार्टम और जांच के बाद साफ होगी तस्वीर

फिलहाल पुलिस का कहना है कि घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक जांच, कार्बाइन से जुड़े साक्ष्य और CCTV फुटेज से घटनाक्रम स्पष्ट करने में मदद मिल सकती है।

इसलिए अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि यह महज दुर्घटना थी या इसके पीछे कोई दूसरा कारण। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक परिस्थितियों की पुष्टि हो सकेगी।

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