नई दिल्ली, 22 सितंबर 2026 । बिहार के जमुई में छात्रा से कथित छेड़खानी का मामला सामने आने के बाद विरोध तेज हो गया है। मामले को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं ने विरोध मार्च निकाला। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने छात्रा के साथ हुई कथित घटना को लेकर नाराजगी जताई और संबंधित आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई।
मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर राजनीतिक और छात्र संगठनों की गतिविधियां भी तेज हुई हैं। विरोध मार्च के जरिए ABVP ने छात्राओं की सुरक्षा और मामले में कार्रवाई का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।
ABVP का विरोध मार्च
ABVP ने मंगलवार को जमुई की छात्रा से शर्मनाक हरकत और इस वारदात का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने का विरोध जताया। इस दौरान मार्च में शामिल हुए ABVP कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी करते हुए सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। कार्यकर्ताओं का कहना था कि जिला प्रशासन को इस मामले में कड़ा और जल्द एक्शन लेने की जरूरत है। क्योंकि जिस तरह की हरकत की गई, वो किसी भी हाल में कोई भी बर्दाश्त नहीं कर सकता।
छात्रा की सुरक्षा का मुद्दा उठा
छात्रा से जुड़ी कथित छेड़खानी की घटना के बाद छात्र संगठनों ने शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक स्थानों पर छात्राओं की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। ABVP कार्यकर्ताओं का कहना है कि छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन को प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
ऐसे मामलों में शिकायत की जांच और आरोपों की पुष्टि कानूनी प्रक्रिया के तहत की जाती है। पुलिस की जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
विरोध मार्च के माध्यम से ABVP कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से मामले में त्वरित जांच और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने छात्राओं की सुरक्षा से जुड़े मामलों को गंभीरता से लेने की अपील भी की।
फिलहाल मामले से जुड़े आरोपों और घटनाक्रम की पूरी जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस और प्रशासन की ओर से की जाने वाली कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।
छात्र संगठनों की सक्रियता बढ़ी
जमुई की इस घटना के बाद छात्र संगठनों की सक्रियता बढ़ गई है। ABVP के विरोध मार्च के जरिए मामला सार्वजनिक चर्चा में आया है। छात्र संगठनों की ओर से समय-समय पर छात्राओं की सुरक्षा, शिक्षा व्यवस्था और परिसर में सुरक्षित माहौल जैसे मुद्दे उठाए जाते रहे हैं।
अब इस मामले में जांच की प्रगति और प्रशासन की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। आरोपों की पुष्टि होने के बाद ही घटना से जुड़े कानूनी पहलुओं पर अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।