संगरूर में ड्रग्स के खिलाफ आवाज उठाने वाले युवक ने निगला जहर

AAP सरकार पर BJP-कांग्रेस का हमला

चंडीगढ़ , 21  सितंबर 2026 । पंजाब के संगरूर में ड्रग्स के मुद्दे को लेकर एक बार फिर सियासत गरमा गई है। संगरूर के नमोल गांव के रहने वाले जगसीर सिंह उर्फ जग्गा ने डिप्टी कमिश्नर कार्यालय के बाहर कथित तौर पर जहरीला पदार्थ निगल लिया। उसे पहले संगरूर के सरकारी अस्पताल ले जाया गया और बाद में बेहतर इलाज के लिए पटियाला के राजिंदरा अस्पताल रेफर किया गया।

जगसीर का आरोप है कि उसके गांव में नशे की बिक्री की शिकायतें करने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। घटना के बाद कांग्रेस और बीजेपी ने आम आदमी पार्टी की पंजाब सरकार पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, युवक द्वारा लगाए गए ड्रग्स बिक्री, धमकी, मारपीट और पुलिस कार्रवाई नहीं होने के आरोपों की जांच अभी जारी है।

डीसी ऑफिस में उसके साथ गए उसके दोस्त मंजिंदर सिंह ने आरोप लगाया कि जगसीर ने पहले ऐसे वीडियो बनाए थे जिनमें लोगों को कथित तौर पर ‘चिट्टा’ बेचते हुए दिखाया गया था। बाद में उस पर हमला भी हुआ था। मंजिंदर ने दावा किया कि इस कथित घटना के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। उसने बताया कि जगसीर ने उसे कहा था कि उसने ‘सल्फास’ खा लिया है।

DC दफ्तर के बाहर युवक ने निगला जहरीला पदार्थ

रिपोर्टों के मुताबिक, जगसीर सिंह सोमवार को संगरूर के मिनी सचिवालय स्थित डिप्टी कमिश्नर कार्यालय पहुंचा था। इसी दौरान उसने कथित तौर पर जहरीला पदार्थ निगल लिया। उसके साथ मौजूद दोस्त मंजिंदर सिंह ने उसे अस्पताल पहुंचाया।

जगसीर ने आरोप लगाया कि नमोल गांव में कथित तौर पर ड्रग्स की बिक्री हो रही है और इस संबंध में सरपंच तथा प्रशासन को जानकारी दी गई थी। उसके मुताबिक शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ।

जगसीर के दोस्त ने दावा किया कि युवक ने गांव में कथित तौर पर चिट्टा बेचने से जुड़े वीडियो बनाए थे। इसके बाद उसे धमकियां मिलने और मारपीट किए जाने का आरोप लगाया गया।

द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, जगसीर ने आरोप लगाया कि उसके घर पर जाकर उसके साथ मारपीट की गई और घर में लगे CCTV कैमरों को भी नुकसान पहुंचाया गया। ये आरोप अभी जांच का विषय हैं और पुलिस ने मामले की जांच शुरू की है।

पुलिस के अनुसार, जगसीर ने पहले भी आत्महत्या की धमकी दी थी और उस समय एक DDR दर्ज की गई थी। SSP रवजोत कौर ग्रेवाल ने कहा कि डॉक्टरों की अनुमति के बाद युवक का बयान दर्ज किया जाएगा।

BJP और कांग्रेस ने AAP सरकार को घेरा

घटना सामने आने के बाद पंजाब की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। कांग्रेस के पंजाब प्रभारी सचिन पायलट ने घटना को लेकर पंजाब सरकार और प्रशासन की जवाबदेही पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि ड्रग्स के खिलाफ आवाज उठाने वालों पर दबाव और कथित दुर्व्यवहार की शिकायतें सामने आ रही हैं।

विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने भी सरकार के ड्रग-फ्री पंजाब के दावे पर सवाल उठाया और घटना को मुख्यमंत्री भगवंत मान के गृह जिले संगरूर से जोड़ते हुए सरकार की नीतियों पर निशाना साधा।

बीजेपी नेता रवनीत सिंह बिट्टू ने भी मामले को लेकर AAP सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या ड्रग्स के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों को कथित तौर पर परेशान किया जाना पंजाब में जमीनी स्थिति को दर्शाता है। ये राजनीतिक आरोप हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं हुई है।

संगरूर में पहले भी सामने आ चुका है ऐसा मामला

संगरूर में यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब इससे पहले ड्रग्स के मुद्दे को लेकर एक अन्य व्यक्ति की मौत ने भी पंजाब की राजनीति को गर्माया था। सितंबर की शुरुआत में गुलजार सिंह की मौत के बाद कांग्रेस और बीजेपी ने AAP सरकार पर सवाल उठाए थे। विपक्ष ने आरोप लगाया था कि ड्रग्स के खिलाफ आवाज उठाने के कारण उन्हें कथित तौर पर परेशान किया गया। AAP ने विपक्ष पर मौत को राजनीतिक मुद्दा बनाने का आरोप लगाया था।

पंजाब में ड्रग्स का मुद्दा लगातार राजनीतिक बहस के केंद्र में है। हाल ही में बीजेपी ने ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ शुरू की है, जो राज्य में ड्रग्स के खिलाफ पार्टी के अभियान का हिस्सा है। इसके जवाब में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बीजेपी के पुराने शासनकाल को लेकर सवाल उठाए हैं, जबकि बीजेपी ने AAP सरकार के अपने घोषित लक्ष्यों और समयसीमा का हवाला देकर पलटवार किया है।

संगरूर की ताजा घटना ने इस राजनीतिक टकराव को और बढ़ा दिया है। फिलहाल पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि युवक द्वारा लगाए गए आरोपों के पीछे पूरी घटना क्या थी और संबंधित शिकायतों पर पहले क्या कार्रवाई हुई थी।

Leave A Reply

Your email address will not be published.