नई दिल्ली/ढाका, 05 अगस्त 2026 । बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना लगभग दो वर्ष बाद बुधवार को दिल्ली से एक सार्वजनिक संबोधन देने वाली हैं। यह कार्यक्रम एक निजी मीडिया संस्था द्वारा आयोजित किया जा रहा है और भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने स्पष्ट किया है कि इस आयोजन में भारत सरकार की कोई भूमिका नहीं है तथा इसे सरकारी समर्थन प्राप्त कार्यक्रम के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना 2 साल बाद आज दिखेंगी। उन्होंने ऐलान किया है कि वे 5 अगस्त को दिल्ली में एक कार्यक्रम को ऑनलाइन संबोधित करेंगी।
देश छोड़ने के बाद यह पहली बार होगा जब शेख हसीना किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में वर्चुअल भाषण देतीं नजर आएंगी।
बांग्लादेश ने इस पर रोक लगाने की मांग की थी लेकिन भारत ने मंगलवार को इससे इनकार कर दिया था।
इसके बाद बांग्लादेश की विदेश राज्य मंत्री शमा ओबैद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “हम भारत के साथ अच्छे संबंध चाहते हैं। हम नहीं चाहते कि हमारे रिश्ते खराब हों या उन पर कोई असर पड़े। उम्मीद है कि भारत भी इसे समझेगा।”
बांग्लादेश लौटने का ऐलान कर चुकी हैं शेख हसीना
शेख हसीना का कार्यक्रम में दिल्ली में सर मार्क टली ऑडिटोरियम में होगा। इसका आयोजन फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब कर रहा है।
फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब ऑफ साउथ एशिया (FCCSA) नई दिल्ली स्थित पत्रकारों का संगठन है। इसकी स्थापना 1958 में हुई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह कार्यक्रम शाम 6 बजे से 7:30 बजे तक चलेगा।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, हसीना इस कार्यक्रम में बांग्लादेश लौटने की तारीख का ऐलान कर सकती हैं। उन्होंने पिछले महीने कहा था कि वे दिसंबर में अपने देश लौटेंगी। इस दौरान उनकी हत्या भी हो जाए तो उन्हें मंजूर है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक हसीना अपने भाषण में देश के लिए अपना विजन भी पेश कर सकती हैं। उनके बेटे सजीब वाजेद जॉय भी कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। इसके अलावा अवामी लीग के कई सीनियर नेता भी इसमें हिस्सा लेंगे।
रिपोर्टों के अनुसार, शेख हसीना का यह संबोधन वीडियो लिंक के माध्यम से होगा और इसमें बांग्लादेश के हालात, लोकतंत्र, राजनीतिक घटनाक्रम तथा अपने कार्यकाल से जुड़े मुद्दों पर उनके विचार सामने आ सकते हैं। यह उनका अगस्त 2024 में सत्ता से हटने और भारत आने के बाद पहला बड़ा सार्वजनिक संबोधन माना जा रहा है।
इस कार्यक्रम को लेकर बांग्लादेश सरकार ने आपत्ति जताई है और भारतीय पक्ष से अपना रुख स्पष्ट करने का अनुरोध किया था। वहीं, भारत ने दोहराया है कि यह किसी सरकारी संस्था का आयोजन नहीं है, बल्कि एक निजी संस्था की पहल है और इसमें व्यक्त किए जाने वाले विचार आयोजकों या वक्ताओं के होंगे।
शेख हसीना के इस संबोधन पर भारत और बांग्लादेश दोनों देशों की राजनीतिक और कूटनीतिक नजरें टिकी हुई हैं। विश्लेषकों का मानना है कि उनके बयान का असर दोनों देशों के संबंधों और बांग्लादेश की मौजूदा राजनीति पर चर्चा को नई दिशा दे सकता है।