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देहरादून। चारधाम यात्रा को स्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए उत्तराखंड में सफाई अभियान चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आह्वान पर श्रद्धालुओं को भी धामों की स्वच्छता और पवित्रता बनाए रखने के लिए जागरूक किया जा रहा है। वहीं सफाई व्यवस्था से जुड़े विभाग और स्थानीय निकाय कचरे के संग्रह और निस्तारण पर काम कर रहे हैं।
नगर पंचायतों और अन्य संबंधित संस्थाओं के अनुसार, इस यात्रा सीजन में अब तक चारधाम क्षेत्रों से करीब 798 टन कचरा एकत्रित किया जा चुका है। केदारनाथ, बद्रीनाथ और गंगोत्री में नगर पंचायतों की ओर से विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है…जबकि यमुनोत्री में सफाई व्यवस्था जिला पंचायत के जिम्मे है।
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केदारनाथ धाम नगर पंचायत क्षेत्र में इस यात्रा सीजन में अब तक 32 टन सॉलिड वेस्ट एकत्रित किया गया है। इसमें करीब 20 टन प्लास्टिक कचरा शामिल है। कचरे के प्रबंधन के लिए शहरी विकास विभाग की ओर से इस बार एक अतिरिक्त कॉम्पेक्टर मशीन भी लगाई गई है।
एकत्रित सॉलिड वेस्ट को गौरीकुंड पहुंचाया जा रहा है। इसके बाद इसे नीलामी के जरिए निस्तारित करने की प्रक्रिया की जाएगी।
वहीं केदारनाथ पैदल मार्ग पर सफाई व्यवस्था का जिम्मा सुलभ इंटरनेशनल के पास है। संस्था के अनुसार इस यात्रा सीजन में अब तक 270 टन सॉलिड वेस्ट एकत्रित किया जा चुका है। इसमें से करीब 6.5 टन प्लास्टिक कचरे को रिसाइकिलिंग के लिए भेजा जा चुका है।
बद्रीनाथ धाम में इस यात्रा सीजन के दौरान अब तक 393 टन कचरा एकत्रित किया गया है। इसमें करीब 161 टन सूखा कूड़ा शामिल है। बद्रीनाथ नगर पंचायत की ओर से धाम क्षेत्र में ही सॉलिड वेस्ट को कॉम्पेक्ट किया जा रहा है।
इस प्रक्रिया के दौरान अब तक करीब 24 टन प्लास्टिक कचरा अलग किया गया है। इसमें बड़ी मात्रा में पानी की बोतलें शामिल हैं। एकत्रित प्लास्टिक को नीलामी के लिए तैयार किया जा रहा है।
गंगोत्री धाम में यात्रा सीजन के दौरान अब तक 98 टन कचरा एकत्रित किया जा चुका है। नगर पंचायत की ओर से इसमें से 22 टन प्लास्टिक कचरे को रिसाइकिल किया गया है। इससे करीब 55 हजार रुपये की आय भी प्राप्त हुई है।
इसके अलावा कचरे से करीब ढाई टन खाद तैयार की गई है। गंगोत्री धाम क्षेत्र में सफाई और पर्यावरण संरक्षण के लिए नगर पंचायत की ओर से रोजाना विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है।
यमुनोत्री धाम यात्रा क्षेत्र में अब तक 4.85 टन प्लास्टिक कचरा एकत्रित कर उसका सुरक्षित निस्तारण किया गया है। इसमें 1,790 किलो कचरा जानकीचट्टी बाजार से ग्रामीण बाजार डामटा तक के क्षेत्र से एकत्रित किया गया।
वहीं, 3,060 किलो प्लास्टिक कचरा जानकीचट्टी से खरसाली बाजार क्षेत्र से जुटाया गया। यमुनोत्री क्षेत्र में सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी जिला पंचायत के पास है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चारधाम केवल आस्था और संस्कृति के केंद्र नहीं हैं…बल्कि हिमालय की संवेदनशील पारिस्थितिकी का भी हिस्सा हैं। सरकार चारधाम यात्रा को स्वच्छ, सुगम और पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि चारों धामों को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण और प्लास्टिक कचरे की रिसाइकिलिंग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इस अभियान की सफलता के लिए श्रद्धालुओं, स्थानीय लोगों और व्यापारियों से भी सहयोग की अपील की।
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