मां की तस्वीर गले में डालकर ED दफ्तर पहुंचे हरीश रावत

बोले- 'ED ने बुलाया, हम खरामे-खरामे चले आए'

देहरादून, 26  सितंबर 2026 । उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत शनिवार को देहरादून स्थित प्रवर्तन निदेशालय (ED) के कार्यालय पहुंचे। उन्हें 2016 की एक भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के सिलसिले में पूछताछ के लिए बुलाया गया था। खास बात यह रही कि रावत जब ED कार्यालय पहुंचे तो उनके गले में उनकी दिवंगत मां की तस्वीर थी।

पूर्व सीएम हरीश रावत ने वीडियो जारी कर कहा है कि ईडी ने दो दिन पहले मुझे नोटिस भेजा है। हरदा ने कहा कि शायद 2016 का प्रकरण हो सकता है। जिसमें चंदन जीना के घर छापा मारा गया। अब मुझे पेश होने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि मुझसे दुनिया भर के कागज मांगे गए हैं। जिसमें फैमिली को भी शामिल किया गया। उन्होंने कहा कि फैमिली का क्या आशय है। मुझे नहीं पता इसमें कौन-कौन होंगे।

ED कार्यालय जाने से पहले हरीश रावत ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो और संदेश साझा किया। उन्होंने कहा कि वह अपनी मां, मां जगदंबा और धरती माता का स्मरण करते हुए आशीर्वाद लेकर ED कार्यालय जा रहे हैं।

रावत ने यह भी कहा कि उन्होंने किसी को अपने साथ आने के लिए नहीं बुलाया है। उनके मुताबिक, वह अपनी मां की तस्वीर के साथ अकेले ED कार्यालय पहुंचे हैं। उन्होंने अपने अंदाज में कहा, “ED ने बुलाया, हम खरामे-खरामे चले आए।”

2016 की भर्ती परीक्षा से जुड़ा है मामला

ED की पूछताछ की जड़ें वर्ष 2016 में हुई उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (VPDO) भर्ती परीक्षा से जुड़ी कथित अनियमितताओं में हैं।

रिपोर्टों के मुताबिक, इस मामले में परीक्षा की OMR शीट में कथित छेड़छाड़ और कुछ अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ पहुंचाने के आरोपों की जांच हुई थी। अब इसी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग एंगल की जांच ED कर रही है।

हरीश रावत ने बताया कि ED के नोटिस में उनसे कई दस्तावेज और जानकारियां मांगी गई हैं। इनमें पुराने आयकर रिटर्न (ITR), संपत्तियों और परिवार से संबंधित दस्तावेज शामिल बताए गए हैं।

रावत ने यह भी कहा कि उनके परिवार में कई सदस्य हैं और नोटिस में परिवार से किन-किन लोगों का आशय है, इसे लेकर उन्हें पूरी स्पष्टता नहीं थी। इसके बावजूद वह मांगे गए दस्तावेजों के साथ जांच एजेंसी के सामने पेश हुए।

चंदन सिंह जीना के ठिकानों पर ED की कार्रवाई के बाद बढ़ा मामला

यह मामला हरीश रावत के पूर्व OSD और वर्तमान निजी सहायक चंदन सिंह जीना से जुड़े ED के सर्च ऑपरेशन के बाद फिर चर्चा में आया। ED ने सितंबर में देहरादून में जीना समेत कई ठिकानों पर तलाशी ली थी।

रिपोर्टों के अनुसार, जीना के परिसर से नकदी और अन्य सामान बरामद किए जाने की बात सामने आई थी। ED की कार्रवाई 2016 की भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच का हिस्सा बताई गई।

ED के नोटिस से पहले भी हरीश रावत ने सोशल मीडिया पर अपनी मां को याद करते हुए भर्ती मामले से जुड़े आरोपों पर प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था कि उन्होंने कभी किसी को नौकरी दिलाने के बदले पैसे नहीं लिए।

18 सितंबर को दिए अपने सार्वजनिक बयान में रावत ने अपनी मां की सौगंध लेकर आरोपों को खारिज किया था और कहा था कि वह सच के लिए आखिरी दम तक संघर्ष करेंगे।

पार्टी पदों से हटने की बात भी आई थी सामने

ED की ओर से उनके सहयोगी से जुड़े परिसरों पर कार्रवाई के बाद हरीश रावत ने कांग्रेस के कुछ संगठनात्मक पदों से हटने की इच्छा जताई थी। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया था कि इसका मतलब कांग्रेस छोड़ना नहीं है।

रावत ने कहा था कि कांग्रेस से उनका रिश्ता उनकी राजनीतिक पहचान का हिस्सा है और वह पार्टी से अलग नहीं हो रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि यदि उनके कारण पार्टी की भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई कमजोर होती है तो वह संगठनात्मक पद छोड़ने पर विचार कर सकते हैं।

ED कार्यालय के बाहर रावत ने BJP सरकार पर भी साधा निशाना

ED कार्यालय पहुंचने के दौरान हरीश रावत ने जांच एजेंसियों की कार्रवाई को लेकर भाजपा सरकार पर राजनीतिक आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले CBI और ED का “खेल” शुरू हो जाता है और बाद में इसके पीछे की वजह सामने आती है।

यह रावत की राजनीतिक प्रतिक्रिया है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों में नहीं हुई है। वहीं, ED की जांच 2016 की भर्ती परीक्षा से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले पर केंद्रित है।

अब ED की पूछताछ में क्या सामने आएगा?

हरीश रावत के ED कार्यालय पहुंचने के बाद अब जांच एजेंसी की पूछताछ और उनके द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों पर नजर है। जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि एजेंसी को मांगी गई संपत्ति, ITR और परिवार से संबंधित जानकारी से क्या तथ्य मिलते हैं।

फिलहाल यह मामला जांच के स्तर पर है। ED की कार्रवाई या पूछताछ को किसी व्यक्ति की दोषसिद्धि के रूप में नहीं देखा जा सकता। आगे की जांच और कानूनी प्रक्रिया से ही मामले की स्थिति स्पष्ट होगी।

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