’84 का हूं, बूढ़ा नहीं’, कैप्टन अमरिंदर सिंह ने BJP में अनदेखी पर जताई नाराजगी
कांग्रेस वापसी की अटकलों पर भी दिया जवाब
चंडीगढ़ , 26 सितंबर 2026 । पंजाब की राजनीति में पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के ताजा बयान के बाद एक बार फिर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। अमरिंदर सिंह ने पंजाब से जुड़े मामलों में अपनी राय नहीं लिए जाने पर BJP के प्रति नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि उन्होंने पंजाब की राजनीति में करीब 60 साल बिताए हैं और राज्य के हालात को लंबे समय से देखते आए हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अपनी बात पार्टी नेतृत्व तक पहुंचाना BJP छोड़ने या कांग्रेस में वापस जाने की घोषणा नहीं है।
अमरिंदर सिंह ने कहा कि हम यहीं के रहने वाले हैं और उन्हें अपनी राय और भावनाएं बताना मेरा फर्ज है। हालांकि, अमरिंदर सिंह ने कहा कि उनकी बातों का यह मतलब नहीं निकाला जाना चाहिए कि वह BJP छोड़ रहे हैं या कांग्रेस में वापस जा रहे हैं।
अमरिंदर सिंह ने कहा कि पंजाब की राजनीति और परिस्थितियों को लेकर उनका अनुभव लंबा है। उनके मुताबिक, पार्टी में आने के बाद उनसे और उनके साथियों से पंजाब से जुड़े मामलों पर सलाह नहीं ली गई। उन्होंने कहा कि राज्य के बारे में अपने विचार और भावनाएं पार्टी नेतृत्व को बताना उनका राजनीतिक दायित्व है।
अमरिंदर सिंह ने यह भी कहा कि उनकी नाराजगी को BJP छोड़ने के फैसले के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने अपने राजनीतिक सफर का उदाहरण देते हुए कहा कि राजनीतिक परिस्थितियों के कारण पहले भी उन्होंने एक पार्टी छोड़ी और बाद में वापस दूसरी पार्टी में आए थे।
‘मैं 84 साल का हूं, लेकिन बूढ़ा नहीं’
अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर सवालों के बीच अमरिंदर सिंह ने उम्र को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि वह 84 साल के हैं, लेकिन अभी बूढ़े नहीं हुए हैं। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई का उदाहरण देते हुए अपनी सक्रियता की ओर इशारा किया।
यह बयान उस समय आया है जब पंजाब में उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर लगातार चर्चाएं हो रही हैं। हालिया रिपोर्टों में उनके BJP से असंतोष और कांग्रेस में संभावित वापसी को लेकर अटकलें सामने आई हैं, लेकिन उपलब्ध बयानों में अमरिंदर सिंह ने कांग्रेस में लौटने की घोषणा नहीं की है।
कैप्टन अमरिंदर सिंह के BJP में भूमिका और पंजाब को लेकर दिए गए बयान के बाद कांग्रेस में उनकी वापसी की चर्चाएं फिर शुरू हुई हैं। हालांकि, हालिया रिपोर्टों के मुताबिक अमरिंदर सिंह ने साफ किया है कि उनके बयान का अर्थ यह नहीं निकाला जाना चाहिए कि वह BJP छोड़कर कांग्रेस में जा रहे हैं।
इससे पहले भी कांग्रेस में उनकी संभावित वापसी को लेकर सवाल उठ चुके हैं। सितंबर की शुरुआत में कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा था कि अमरिंदर सिंह की वापसी को लेकर कांग्रेस हाईकमान से कोई बातचीत नहीं हुई है।
कांग्रेस छोड़कर बनाई थी अपनी पार्टी
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने 2021 में कांग्रेस से अलग होने के बाद पंजाब लोक कांग्रेस का गठन किया था। इसके बाद उन्होंने BJP के साथ राजनीतिक गठबंधन किया और 2022 में अपनी पार्टी का BJP में विलय कर दिया। तब से वह BJP के साथ हैं।
अब उनके ताजा बयानों ने पंजाब की राजनीति में उनके अगले कदम को लेकर चर्चा बढ़ा दी है। हालांकि, उनके अपने बयान फिलहाल BJP छोड़ने या कांग्रेस में शामिल होने की पुष्टि नहीं करते।
AAP ने लगाया ‘मौकापरस्त’ होने का आरोप
अमरिंदर सिंह के बयान पर पंजाब की सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। AAP के महासचिव और मीडिया प्रभारी बलतेज सिंह पन्नू ने अमरिंदर सिंह पर ‘मौकापरस्त’ राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि अमरिंदर सिंह BJP में शामिल होने के बाद अब कह रहे हैं कि उन्हें कुछ हासिल नहीं हुआ।
AAP की यह प्रतिक्रिया राजनीतिक आरोप के तौर पर सामने आई है। वहीं, अमरिंदर सिंह ने अपने बयान में मुख्य रूप से पंजाब से जुड़े मामलों में सलाह नहीं लिए जाने और अपने राजनीतिक अनुभव को लेकर बात रखी है।
अमरिंदर सिंह का कहना है कि पंजाब की राजनीति में उनके छह दशक के अनुभव के कारण राज्य से जुड़े विषयों पर अपनी राय देना उनका दायित्व है। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक दल बदलते रहते हैं और उनके पुराने राजनीतिक सफर को मौजूदा समय में पार्टी बदलने की घोषणा के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
फिलहाल उनके बयान के बाद पंजाब की राजनीति में तीन बातें चर्चा के केंद्र में हैं—BJP में उनकी भूमिका, पंजाब के मामलों में उनकी अपेक्षित राजनीतिक भागीदारी और कांग्रेस में वापसी को लेकर चल रही अटकलें। अमरिंदर सिंह की ओर से कांग्रेस में लौटने का कोई औपचारिक ऐलान नहीं किया गया है।