26-27 सितंबर को उत्तराखंड में रहें सावधान! सीएम धामी ने दिए 24 घंटे अलर्ट रहने के निर्देश

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देहरादून: उत्तराखंड में 26 और 27 सितंबर को मौसम को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। मौसम विभाग ने इन दो दिनों में प्रदेश के कई जिलों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है….जबकि कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी वर्षा भी हो सकती है।

मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों और पर्यटकों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बहुत जरूरी होने पर ही यात्रा करें और निकलने से पहले मौसम तथा सड़क की स्थिति की जानकारी जरूर लें।

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मुख्यमंत्री ने संवेदनशील और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है। नदी-नालों, गाड़-गदेरों, बरसाती धाराओं और जलभराव वाले स्थानों के पास नहीं जाने को कहा गया है। तेज बहाव में उतरने से भी लोगों को बचने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 26 सितंबर को बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर में रेड अलर्ट जारी किया गया है।

इस दिन देहरादून, पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, चमोली और अल्मोड़ा में ऑरेंज अलर्ट रहेगा। हरिद्वार, उत्तरकाशी और टिहरी गढ़वाल के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

27 सितंबर को चार जिलों में रेड अलर्ट

27 सितंबर को रेड अलर्ट वाले जिलों में बदलाव होगा। इस दिन देहरादून, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल और हरिद्वार में रेड अलर्ट रहेगा।

उत्तरकाशी, चमोली, नैनीताल और रुद्रप्रयाग में ऑरेंज अलर्ट तथा बागेश्वर, अल्मोड़ा, चंपावत, ऊधमसिंह नगर और पिथौरागढ़ में येलो अलर्ट जारी किया गया है।

बारिश के साथ इन इलाकों में बढ़ सकता है खतरा

भारी बारिश के कारण पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क अवरुद्ध होने की स्थिति बन सकती है। वहीं मैदानी क्षेत्रों में जलभराव की समस्या सामने आने की आशंका है। नदी-नालों और बरसाती धाराओं का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है।

मुख्यमंत्री ने अभिभावकों से बच्चों को नदी-नालों और अन्य जोखिम वाले स्थानों से दूर रखने की अपील भी की है।

सीएम धामी ने अधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट रहने के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री के निर्देश पर सभी जिलाधिकारियों और संबंधित विभागों को 24×7 अलर्ट मोड पर रहने को कहा गया है। संवेदनशील इलाकों की लगातार निगरानी करने और आपदा की स्थिति में राहत-बचाव कार्य तुरंत शुरू करने की तैयारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

राहत एवं बचाव दलों के साथ जरूरी उपकरण, जेसीबी और अन्य मशीनरी को रणनीतिक स्थानों पर तैयार रखने को कहा गया है। सभी विभागों के बीच लगातार समन्वय बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।

सचिव आपदा प्रबंधन ने 13 जिलों के साथ की बैठक

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने शुक्रवार को सभी 13 जिलों के अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए जिलों को पूरी तरह अलर्ट रहने और आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी तैयारियां पूरी रखने को कहा।

सचिव ने जिला आपातकालीन संचालन केंद्रों को 24 घंटे सक्रिय रखने के निर्देश दिए। साथ ही मौसम विभाग की चेतावनी को तत्काल स्थानीय स्तर तक पहुंचाने को कहा गया…ताकि समय रहते लोगों को सावधान किया जा सके।

नदी-नालों के जलस्तर पर लगातार नजर

सचिव आपदा प्रबंधन ने अधिकारियों को नदी, नालों, गाड़-गदेरों और अन्य जलस्रोतों के जलस्तर पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए। जलस्तर बढ़ने की स्थिति में आसपास रहने वाले लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था रखने को कहा गया है।

भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में जेसीबी और अन्य मशीनरी को रणनीतिक स्थानों पर तैनात रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि सड़क बंद होने की स्थिति में मार्ग को जल्द से जल्द खोला जा सके।

पुलिस और एसडीआरएफ समेत सभी विभाग रहेंगे तैयार

आपात स्थिति से निपटने के लिए पुलिस, एसडीआरएफ, अग्निशमन, स्वास्थ्य, लोक निर्माण विभाग, पेयजल, विद्युत और अन्य संबंधित विभागों के बीच लगातार समन्वय रखने को कहा गया है। जरूरत पड़ने पर संवेदनशील क्षेत्रों में राहत और बचाव दलों की तैनाती की जाएगी।

चारधाम यात्रा मार्ग और पर्यटन स्थलों पर विशेष निगरानी

मौसम को देखते हुए चारधाम यात्रा मार्गों, प्रमुख पर्यटन स्थलों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। पर्वतीय मार्गों पर मौसम और सड़क की स्थिति को देखते हुए ही यातायात संचालित करने को कहा गया है।

आपदा प्रबंधन मंत्री ने भी दिए सतर्क रहने के निर्देश

आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने भी मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए सचिव आपदा प्रबंधन से प्रदेश की स्थिति और तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को मौसम पर लगातार नजर रखने और संभावित परिस्थितियों के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए।

लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि रेड और ऑरेंज अलर्ट के दौरान अनावश्यक यात्रा न करें। नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें। मौसम विभाग और जिला प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

आपात स्थिति में इन नंबरों पर करें संपर्क

किसी भी आपात स्थिति में राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र के टोल फ्री नंबर 1070 जिला आपातकालीन संचालन केंद्र के नंबर 1077 और आपातकालीन सेवा 112 पर संपर्क किया जा सकता है।

राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र की ओर से मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी जोखिम वाले स्थान पर जाने से बचने की अपील की है।

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