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प्रमाणपत्र फर्जीवाड़ा: एसआईटी ने मध्य प्रदेश के दलाल को किया गिरफ्तार
दाखिलों की दलाली में पहले पकड़े गए रूपेश पंडित का बताया जा रहा गुरु, फर्जी स्वतंत्रता सेनानी प्रमाणपत्र से एमबीबीएस दाखिले का मामला
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देहरादून। स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी प्रमाणपत्र के आधार पर मेडिकल कॉलेजों में दाखिला दिलाने के नाम पर चल रहे फर्जीवाड़े की जांच में एसआईटी को बड़ी सफलता मिली है। एसआईटी ने मामले में मध्य प्रदेश के रहने वाले कथित दलाल धीरज श्रीवास्तव को गिरफ्तार किया है। धीरज पर पहले गिरफ्तार किए गए रूपेश पंडित के माध्यम से छात्रों के दाखिले की दलाली करने का आरोप है।
एसआईटी के अनुसार, मेरठ निवासी रूपेश पंडित को एक छात्र के पिता अरविंद के मामले में गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ के दौरान मध्य प्रदेश के भोपाल निवासी धीरज श्रीवास्तव का नाम सामने आया। जांच में पता चला कि धीरज कथित तौर पर दाखिले के लिए छात्रों से संपर्क कर कमीशन के आधार पर विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश दिलाने का काम करता था।
धीरज ने पूछताछ में भोपाल में एमबीबीएस सहित विभिन्न पाठ्यक्रमों में दाखिले से संबंधित कार्यालय संचालित करने की जानकारी दी। एसआईटी के मुताबिक, रूपेश पंडित से उसकी मुलाकात करीब डेढ़ साल पहले हुई थी और इसके बाद दोनों के बीच दाखिले को लेकर संपर्क बना रहा।
फर्जी दस्तावेजों से दाखिले का आरोप
जांच में सामने आया कि एक छात्र के पिता अपनी बेटी का दाखिला कराना चाहते थे। इसी दौरान रूपेश पंडित ने धीरज से संपर्क किया। आरोप है कि इसके बाद स्वतंत्रता सेनानी कोटे के आधार पर दाखिला दिलाने के लिए फर्जी आधार कार्ड और स्वतंत्रता सेनानी धर्मवीर वर्मा की तस्वीर का इस्तेमाल कर प्रमाणपत्र तैयार कराया गया।
एसआईटी की जांच के मुताबिक, इस तरीके से तीन छात्रों का एमबीबीएस में दाखिला कराया गया। अधिकारियों के अनुसार, पूरे मामले में फर्जी दस्तावेज तैयार करने से लेकर दाखिला कराने तक कई लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।
एसआईटी अब गिरफ्तार धीरज श्रीवास्तव से पूछताछ कर इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और फर्जी प्रमाणपत्रों के जरिए कराए गए दाखिलों की जानकारी जुटा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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