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नैनीताल: नैनीताल में मां नंदा-सुनंदा के जयकारों के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महोत्सव में पहुंचकर पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने मां नंदा-सुनंदा के श्रीचरणों में नमन कर प्रदेशवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। नैनीताल में 16 से 23 सितंबर तक नंदा देवी महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि नंदा देवी महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं है….बल्कि उत्तराखंड की आस्था, लोक संस्कृति और पीढ़ियों से चली आ रही परंपराओं से जुड़ा पर्व है। महोत्सव के माध्यम से झोड़ा-चांचरी, ढोल-दमाऊं और अन्य लोक परंपराओं की झलक देखने को मिलती है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि नैनीताल को केवल पर्यटन के लिए ही नहीं…बल्कि धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से भी विशेष पहचान हासिल है। मां नयना देवी मंदिर, हनुमानगढ़ी और कैंची धाम जैसे धार्मिक स्थल यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण हैं।
विकास के साथ विरासत को बचाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार “विकास भी और विरासत भी” के मंत्र के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि कुमाऊं क्षेत्र के धार्मिक स्थलों को मानसखंड मंदिर माला मिशन के तहत विकसित किया जा रहा है।
सरकार का प्रयास है कि धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलें और साथ ही इन स्थानों की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पहचान भी सुरक्षित रहे। मां नयना देवी, कैंची धाम और मुक्तेश्वर समेत प्रमुख धार्मिक स्थलों के विकास से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने की बात मुख्यमंत्री ने कही।
युवाओं और महिलाओं को रोजगार से जोड़ने पर जोर
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि धार्मिक पर्यटन बढ़ने से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं। इसके साथ ही स्थानीय उत्पादों को देश-दुनिया में बाजार उपलब्ध कराने में भी मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि सरकार मातृशक्ति को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए स्वयं सहायता समूहों और अन्य माध्यमों से काम कर रही है। स्थानीय उत्पाद तैयार करने वाली महिलाओं को बेहतर बाजार और उचित मूल्य दिलाने के लिए केंद्र उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इससे महिलाएं अपने स्थानीय उत्पादों को कारोबार से जोड़कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ सकती हैं।
नैनीताल में स्वास्थ्य, शिक्षा और कनेक्टिविटी पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि नैनीताल जिले के विकास के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, पर्यटन और कनेक्टिविटी जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने पर सरकार का ध्यान है। उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
भूमि और सांस्कृतिक पहचान की सुरक्षा का भी जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास के साथ उत्तराखंड की भूमि, संसाधनों और सांस्कृतिक पहचान की सुरक्षा भी जरूरी है। उन्होंने राज्य में भूमि कानूनों में किए गए बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार देवभूमि की पहचान और संसाधनों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है।
समान नागरिक संहिता और युवाओं की भर्ती का मुद्दा
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता 27 जनवरी 2025 से लागू है। उन्होंने इसे महिलाओं के अधिकारों से जोड़ते हुए सरकार की ओर से किए गए प्रयासों का उल्लेख किया।
युवाओं के रोजगार को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता के लिए नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। उनके अनुसार राज्य में अब तक 35 हजार युवाओं को सरकारी सेवाओं में रोजगार का अवसर मिला है।
मां नंदा-सुनंदा की आरती में शामिल हुए CM
महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मां नंदा-सुनंदा की आरती में भी शामिल हुए। उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार “विकल्प रहित संकल्प” के साथ उत्तराखंड को आगे ले जाने के लिए काम कर रही है। उन्होंने युवाओं को रोजगार, महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर, स्थानीय उत्पादों को बाजार और राज्य की संस्कृति एवं विरासत को संरक्षण देने की दिशा में कार्य जारी रखने की बात कही।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, विधायक सरिता आर्या, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट समेत कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और आयोजन समिति से जुड़े लोग मौजूद रहे।
