पटना, 21 सितंबर 2026 । बिहार में विधान परिषद की पटना स्नातक सीट को लेकर सियासी हलचल बढ़ गई है। एक तरफ जेडीयू के मुख्य प्रवक्ता और मौजूदा एमएलसी नीरज कुमार चुनावी मैदान में हैं, तो दूसरी तरफ जेडीयू विधायक अनंत सिंह ने उनके खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल दिया है। अनंत सिंह ने नीरज कुमार के मुकाबले डॉ. अनुज सिंह को समर्थन देने की बात कही है।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच प्रशांत किशोर और उनकी जन सुराज पार्टी की भूमिका पर भी नजरें टिक गई हैं। जन सुराज ने बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा की है और पांच सीटों पर उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं, लेकिन पटना स्नातक सीट पर अभी उम्मीदवार का ऐलान नहीं किया गया है। यही वजह है कि अनुज सिंह को लेकर सियासी चर्चाएं तेज हैं।
पटना स्नातक सीट पर प्रशांत किशोर ने अभी नहीं दिया उम्मीदवार
प्रशांत किशोर ने जिन 5 सीटों पर अपने MLC उम्मीदवारों का ऐलान किया है, उनमें पटना स्नातक MLC निर्वाचन सीट नहीं है। इस सीट पर पिछले 3 टर्म से जदयू के नीरज कुमार ही विधानपार्षद चुन कर आते रहे हैं। वहीं इस दफे मोकामा के बाहुबली जदयू विधायत अनंत सिंह अपनी ही पार्टी के नीरज कुमार पर हत्थे से उखड़े हुए हैं। उन्होंने तो साफ कह दिया है कि नीरज कुमार को हराने में कोई कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। ऐसे में प्रशांत किशोर की चुप्पी बहुत कुछ कह रही है।
पटना स्नातक सीट पर आमने-सामने नीरज और अनुज
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से नीरज कुमार लगातार तीन कार्यकाल से एमएलसी रहे हैं और इस बार भी जेडीयू की ओर से चुनावी तैयारी में हैं। वहीं अनंत सिंह ने सार्वजनिक तौर पर कहा है कि वह नीरज कुमार के खिलाफ अनुज सिंह का समर्थन करेंगे।
अनुज सिंह पहले 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में नवादा सीट से जन सुराज के उम्मीदवार रह चुके हैं। हालांकि उस चुनाव में उन्हें सफलता नहीं मिली थी। अब उनका नाम पटना स्नातक एमएलसी चुनाव को लेकर फिर चर्चा में है। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि वह जन सुराज के आधिकारिक उम्मीदवार होंगे या निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ेंगे।
प्रशांत किशोर ने क्यों नहीं खोले पत्ते?
प्रशांत किशोर ने हाल में जन सुराज के पांच एमएलसी उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं। इनमें पटना शिक्षक सीट से दिव्या ज्योति, दरभंगा शिक्षक से एसपी राय, दरभंगा स्नातक से रवींद्र यादव, सारण शिक्षक से अफाक अहमद और कोसी स्नातक से रजनीश रंजन शामिल हैं।
लेकिन पटना स्नातक सीट को लेकर जन सुराज ने अभी नाम घोषित नहीं किया है। इसी सीट पर नीरज कुमार और अनंत सिंह के बीच विवाद चल रहा है। ऐसे में प्रशांत किशोर की चुप्पी को लेकर राजनीतिक हलकों में अलग-अलग चर्चाएं हैं, हालांकि पार्टी की ओर से अनुज सिंह को उम्मीदवार बनाने या समर्थन देने की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
अनंत सिंह के समर्थन पर प्रशांत किशोर का जवाब
अनुज सिंह को अनंत सिंह के समर्थन के सवाल पर प्रशांत किशोर ने कहा था कि अनंत सिंह क्या करते हैं, यह जन सुराज के लिए विषय नहीं है। उन्होंने अनुज सिंह के बारे में कहा कि वह जन सुराज में रह चुके हैं और पार्टी के उम्मीदवार भी रहे हैं।
इस बयान से इतना स्पष्ट है कि प्रशांत किशोर ने फिलहाल अनंत सिंह के समर्थन को अपनी पार्टी की आधिकारिक रणनीति से जोड़कर कोई घोषणा नहीं की है। दूसरी ओर, पटना स्नातक सीट पर उम्मीदवार का नाम रोककर रखने से चर्चाओं को भी जगह मिली है।
अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच लंबे समय से राजनीतिक मतभेद रहे हैं। इस बार विवाद पटना स्नातक एमएलसी सीट को लेकर खुलकर सामने आया है। अनंत सिंह ने नीरज कुमार को हराने की बात कही है और उनके खिलाफ अनुज सिंह को समर्थन देने का ऐलान किया है।
दोनों नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी हुए हैं। नीरज कुमार ने अनंत सिंह के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि अगर किसी मामले में उनके खिलाफ सबूत हैं तो उन्हें अदालत में पेश किया जाना चाहिए। दोनों के बीच विवाद को शांत कराने के लिए जेडीयू संगठन स्तर पर बैठक की कोशिश भी हो चुकी है।
जन सुराज की आठ सीटों पर नजर
बिहार विधान परिषद की आगामी चुनाव प्रक्रिया में चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की कुल आठ सीटें शामिल हैं। जन सुराज पहले ही इन सभी सीटों पर चुनाव लड़ने की बात कह चुका है।
रविवार को घोषित पांच उम्मीदवारों की सूची में पटना स्नातक सीट शामिल नहीं थी। इसलिए अब राजनीतिक नजरें इस बात पर हैं कि जन सुराज इस सीट के लिए किस नाम पर फैसला करता है।
अनुज सिंह का जन सुराज से पुराना चुनावी जुड़ाव है। वह 2025 में पार्टी के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं। अब अनंत सिंह का समर्थन मिलने के बाद उनका नाम पटना स्नातक सीट के संभावित उम्मीदवारों में चर्चा में है।
हालांकि, अनुज सिंह को जन सुराज का उम्मीदवार बनाए जाने की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसलिए फिलहाल तीन संभावनाएं चर्चा में हैं—वह निर्दलीय मैदान में उतरें, जन सुराज उन्हें अपना उम्मीदवार बनाए या पार्टी किसी दूसरे नाम पर फैसला करे। अंतिम स्थिति उम्मीदवारों की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।
चुनाव से पहले बढ़ी राजनीतिक हलचल
पटना स्नातक सीट पर नीरज कुमार की उम्मीदवारी, अनंत सिंह का अनुज सिंह को समर्थन और जन सुराज की ओर से उम्मीदवार की घोषणा में देरी ने मुकाबले को चर्चा में ला दिया है। हालांकि चुनाव का अंतिम समीकरण उम्मीदवारों की आधिकारिक सूची, नामांकन और चुनावी प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद ही स्पष्ट होगा।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी पटना स्नातक सीट पर अनुज सिंह को मैदान में उतारेगी या कोई अलग उम्मीदवार चुनेगी? इस पर पार्टी की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।