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हल्द्वानी। बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम का दर्जा देने की मांग को लेकर वन अधिकार संगठन की पदयात्रा जारी है। अभियान के 27वें दिन पदयात्रा तिवारी नगर स्थित वनदेवी मैया मंदिर से शुरू होकर हाट कालिका मंदिर पहुंची। पदयात्रा में बड़ी संख्या में महिला और पुरुष शामिल हुए।
इस दौरान लोकगीतों और जनगीतों के जरिए ग्रामीणों से 27 सितंबर को प्रस्तावित विशाल रैली और जनसभा में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की गई। पदयात्रा का रात्रि विश्राम हाट कालिका मंदिर में होगा। संगठन के अनुसार 12 सितंबर की सुबह 8 बजे पदयात्रा अगले पड़ाव के लिए रवाना होगी।


आंदोलनकारियों का कहना है कि बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम बनाने की मांग को लेकर ग्रामीण कई दशकों से संघर्ष कर रहे हैं। उनका आरोप है कि हर बार आश्वासन देकर इस मांग को आगे टाल दिया जाता है।
वक्ताओं ने कहा कि बिंदुखत्ता में लोकसभा और विधानसभा चुनाव होते हैं…लेकिन ग्रामीणों को अपनी ग्राम पंचायत चुनने का अधिकार नहीं है। संगठन का कहना है कि उनकी मांग केवल राजस्व ग्राम की अधिसूचना जारी करने तक सीमित नहीं है। इसमें राजस्व ग्राम का दर्जा, पंचायती राज व्यवस्था और जमीन पर मालिकाना हक जैसे मुद्दे भी शामिल हैं।
पदयात्रा के बाद वन अधिकार संगठन और पूर्व सैनिक संगठन के करीब 60 से 70 लोगों का प्रतिनिधिमंडल हल्द्वानी स्थित जिलाधिकारी कैंप कार्यालय पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने 27 सितंबर को प्रस्तावित रैली और जनसभा के लिए अनुमति से संबंधित पत्र जिलाधिकारी को सौंपा। इस दौरान रैली के कार्यक्रम की जानकारी भी दी गई।
संगठन ने जिलाधिकारी को बताया कि 27 सितंबर की रैली में नया ज्ञापन देने की योजना नहीं है। संगठन के अनुसार ग्रामीणों ने निर्णय लिया है कि रैली में मुख्यमंत्री या सरकार की ओर से कोई जिम्मेदार प्रतिनिधि पहुंचकर बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम बनाने के मुद्दे पर बातचीत करे और लिखित आश्वासन दे…इसके बाद ही रैली समाप्त की जाएगी।
प्रतिनिधिमंडल ने यह भी कहा कि यदि तय समय के भीतर सरकार की ओर से कोई जिम्मेदार प्रतिनिधि रैली में नहीं पहुंचता है तो आंदोलन को क्रमिक अनशन में बदलने पर विचार किया जा सकता है।
जिलाधिकारी को पत्र सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में वन अधिकार संगठन के अध्यक्ष उमेश भट्ट, अर्जुन नाथ गोस्वामी, बलवंत बिष्ट, कैप्टन इंद्र सिंह पनेरी, रमेश गोस्वामी, दीपक जोशी, दीपक नेगी, दीपक रौतेला, कविराज धामी, संध्या डालाकोटी, मीना कपिल, हीरा सिंह बिष्ट, कैप्टन प्रताप सिंह बिष्ट, खुशाल सिंह कोश्यारी, बसंत पांडे, गोपाल नेगी, भवान सिंह कठायत और ममता दानू समेत कई लोग शामिल रहे।
