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गैरसैंण: चमोली जिले के गैरसैंण तहसील क्षेत्र के मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम सारकोट में जमीन की खरीद-बिक्री को लेकर विवाद सामने आया है। एक परिवार ने करीब 20 नाली पैतृक जमीन को गलत तरीके से बेचे जाने का आरोप लगाया है। पीड़ित परिवार का कहना है कि शिकायत के बावजूद मामले में सुनवाई के लिए उन्हें लगातार तहसील के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
रजिस्ट्री से पहले दी थी शिकायत
सारकोट निवासी सुरेंद्र सिंह का आरोप है कि गांव के ही एक व्यक्ति ने इस साल 13 मई को उनके परिवार की करीब 20 नाली पैतृक जमीन बेच दी। सुरेंद्र के मुताबिक उनके पिता मदन सिंह ने रजिस्ट्री से पहले ही 6 अप्रैल को तहसील गैरसैंण में शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बावजूद जमीन की बिक्री हो गई।


पीड़ित का कहना है कि मामले को लेकर तहसील कार्यालय और स्थानीय विधायक को भी शिकायत दी गई। इसके अलावा गढ़वाल कमिश्नर से भी न्याय की मांग की गई है।
50 नाली जमीन की खरीद-बिक्री का मामला
बताया गया है कि मई में सारकोट गांव में करीब 50 नाली जमीन की खरीद-बिक्री का मामला सामने आया था। इसमें से 15 नाली जमीन की रजिस्ट्री एनजीओ के नाम होने के कारण निरस्त की जा चुकी है।
सुरेंद्र सिंह का आरोप है कि बाकी जमीन में से करीब 20 नाली ऐसी भूमि भी बेच दी गई, जिस पर जमीन बेचने वाले का कब्जा नहीं था। उनका यह भी दावा है कि संबंधित संयुक्त खाते में 14 खाताधारकों की सहमति के बिना जमीन की बिक्री की गई।
कई बार नहीं हो सकी सुनवाई
पीड़ित परिवार के अनुसार, 13 जुलाई को तहसीलदार को लिखित शिकायत देने के बाद 23 जुलाई को पक्ष रखने के लिए बुलाया गया था….लेकिन सुनवाई नहीं हो सकी। इसके बाद 7 अगस्त को भी परिवार तहसील पहुंचा, लेकिन उस दिन भी सुनवाई नहीं हुई।
अब इस मामले में 9 सितंबर को आपत्ति की सुनवाई होनी है।
डीएम ने गठित की थी जांच समिति
मामले की जांच के लिए जिलाधिकारी चमोली की ओर से जून में अपर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक जांच समिति गठित की गई थी। पीड़ित परिवार का कहना है कि जांच रिपोर्ट अभी उन्हें उपलब्ध नहीं कराई गई है।
वहीं, पीड़ित ने तहसीलदार की ओर से 1 जुलाई को की गई जांच की रिपोर्ट भी मांगी है।
तहसीलदार ने कही नियमानुसार कार्रवाई की बात
मामले में तहसीलदार हरीश पांडे ने बताया कि कानूनगो से जांच रिपोर्ट मांगी गई है। 9 सितंबर को आपत्ति की सुनवाई होनी है। सुनवाई और जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल जमीन की खरीद-बिक्री को लेकर लगाए गए आरोपों की जांच जारी है। मामले में प्रशासन की जांच और सुनवाई के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।
