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हरिद्वार जमीन घोटाला, सस्पेंड दो अफसरों को मिली बड़ी जिम्मेदारी, जानिए डिटेल
कर्मेंद्र सिंह को महिला कल्याण एवं बाल विकास और अजयवीर को डोईवाला गन्ना चीनी मिल का अधिशासी अधिकारी बनाया गया है.


देहरादून: उत्तराखंड शासन में दो अधिकारियों को नई जिम्मेदारी दी है. इसमें IAS अधिकारी कर्मेंद्र सिंह और PCS अफसर अजयवीर शामिल हैं. इन दोनों ऑफिसर्स का नाम हरिद्वार जमीन घोटाले में आया था. जिसके बाद इन पर कार्रवाई के आदेश भी हुए थे अब इन दोनों अधिकारियों को सरकार ने तैनाती दी है.
उत्तराखंड में ऑल इंडिया सर्विस के अधिकारियों को नई जिम्मेदारी दिए जाने का सिलसिला जारी है. हाल ही में IAS, PCS और सचिवालय सेवा के अधिकारियों की तबादला सूची जारी होने के बाद दो और अधिकारियों को भी नई तैनाती दी गई है. जिम्मेदारी लेने वालो में एक IAS और PCS ऑफर शामिल है.
दरअसल हरिद्वार में जमीन घोटाला प्रकरण को लेकर इन दोनों ही अधिकारियों पर कार्रवाई की संस्तुति की गई थी. इनमें भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी कर्मेंद्र सिंह और PCS अफसर अजय वीर का नाम शामिल है. शासन द्वारा जारी किए गए आदेश के अनुसार अब कर्मेंद्र सिंह को अपर सचिव महिला कल्याण एवं बाल विकास की जिम्मेदारी दी गई है. PCS अधिकारी अजयवीर को डोईवाला में गन्ना चीनी मिल का अधिशासी अधिकारी बनाया गया है.
खास बात यह है कि यह दोनों ही अधिकारी काफी लंबे समय से नई जिम्मेदारी मिलने का इंतजार कर रहे थे. शासन ने हरिद्वार जमीन घोटाला प्रकरण को लेकर इन दोनों ही अधिकारियों को निलंबित किया था. इस मामले में जांच के बाद शासन स्तर से कार्रवाई की संस्तुति भी की गई थी. ऐसे में अब इन दोनों ही अधिकारियों को नई तैनाती दे दी गई है.
हालांकि हरिद्वार जमीन घोटाले के मामले में तत्कालीन हरिद्वार नगर निगम के नगर आयुक्त IAS अफसर वरुण चौधरी को सरकार ने बर्खास्त करने की सिफारिश की है. इस मामले की शुरुआत सितंबर 2024 से हुई थी. हरिद्वार नगर निगम ने सराय गांव में पूरा निस्तारण के लिए जमीन की खरीदारी करने की प्रक्रिया शुरू की थी. जिसका भूमि उपयोग भी बदल गया. इसे कृषि भूमि से व्यावसायिक उपयोग में परिवर्तित किया गया. इस तरह इस जमीन की कीमत पहले से ज्यादा हो गई. इसके बाद नगर निगम में यह जमीन खरीद ली.
इस तरह आरोप लगे कि निजी व्यक्तियों को लाभ पहुंचाने के लिए जमीन के दाम बढ़ावा कर यह खरीदारी की गई ताकि निजी लोगों को फायदा मिल सके. इस मामले में जांच आगे बढ़ी और आईएएस अधिकारी समेत पीसीएस और विभागीय अधिकारियों को बड़ी संख्या में निलंबित किया गया. इसके अलावा इस पर कई जांच भी हुई. जिसके बाद कार्रवाई की संस्तुति की गई. अब करवाई के आदेश होने के बाद इन दोनों ही अधिकारियों का निलंबन वापस लेते हुए इन्हें तैनाती दी गई है.
