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चमोली। निजमुला-पाणा-ईराणी मार्ग पर पगना गांव से आगे भूस्खलन होने के कारण सड़क बंद है। सड़क बंद होने से निजमुला घाटी के ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। सबसे ज्यादा दिक्कत मरीजों और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने में हो रही है।
शुक्रवार को ईराणी गांव की हेमा नेगी को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। उन्हें अस्पताल ले जाना जरूरी था…लेकिन सड़क बंद होने के कारण वाहन गांव तक नहीं पहुंच सका। ऐसे में आशा कार्यकर्ता और परिजनों ने महिला को पैदल ही पगना गांव तक ले जाने का फैसला किया।


महिला को दुर्गम रास्ते से करीब 10 किलोमीटर पैदल चलना पड़ा। रास्ते में कई जगह पहाड़ी से पत्थर गिर रहे थे…और गाड-गदेरे उफान पर थे। ऐसे मुश्किल हालात में महिला और उसके साथ मौजूद लोगों ने सावधानी से रास्ता पार किया।
करीब 10 किलोमीटर पैदल चलने के बाद महिला को पगना गांव पहुंचाया गया। वहां से वाहन की मदद से उसे जिला अस्पताल गोपेश्वर ले जाया गया।
ग्राम प्रधान दीपा देवी और ग्रामीणों ने इस मुश्किल समय में आशा कार्यकर्ता के प्रयास की सराहना की। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में झिंझी पुल निर्माण की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है, लेकिन अब तक इस दिशा में काम नहीं हो पाया है।
बारिश के कारण वैकल्पिक रास्ता भी क्षतिग्रस्त हो गया है। इससे घाटी के लोगों के सामने आवागमन का संकट खड़ा हो गया है। खासकर आपात स्थिति में मरीजों और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाना बेहद मुश्किल हो रहा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द सड़क को ठीक कर यातायात बहाल करने और झिंझी पुल का निर्माण कराने की मांग की है…ताकि भविष्य में किसी मरीज या गर्भवती महिला को ऐसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
