हरिद्वार में गुरुकुल शिक्षा का नया अध्याय

CM धामी ने किया प्रथम पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम् का उद्घाटन

हरिद्वार , 23  सितंबर 2026 । उत्तराखंड के हरिद्वार में भारतीय ज्ञान परंपरा, योग और आयुर्वेद को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने की दिशा में एक नई पहल शुरू हुई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार, 23 सितंबर 2026 को ग्राम औरंगाबाद स्थित पतंजलि वेलनेस योगग्राम में प्रथम पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम् का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में योगगुरु स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण भी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर पतंजलि परिवार को बधाई देते हुए कहा कि हरिद्वार आस्था, संस्कृति और भारतीय परंपरा का प्रमुख केंद्र है। उनके मुताबिक, गुरुकुलम् की शुरुआत भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक युग से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार हमारी आस्था, संस्कृति और सनातन परंपरा का प्रमुख केंद्र है। देवभूमि में पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम् का शुभारंभ भारत की गौरवशाली ज्ञान परंपरा को आधुनिक युग से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि भारत की गुरुकुल परंपरा हजारों वर्षों से ज्ञान, संस्कार, अनुशासन और चरित्र निर्माण का आधार रही है। गुरुकुलों में विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ जीवन जीने की कला और समाज के प्रति उत्तरदायित्व का भी बोध कराया जाता है।

आधुनिक विज्ञान और भारतीय ज्ञान का समन्वय

मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम् भारतीय ज्ञान परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बनेगा। यहां आधुनिक विज्ञान और तकनीक के साथ योग, आयुर्वेद, भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों के समन्वय पर जोर दिया जाएगा।

धामी ने कहा कि आधुनिकता और परंपरा एक-दूसरे की विरोधी नहीं, बल्कि पूरक हो सकती हैं। उनके मुताबिक अपनी जड़ों और विरासत से जुड़कर आधुनिक ज्ञान हासिल करने वाली युवा पीढ़ी भविष्य की चुनौतियों का सामना बेहतर तरीके से कर सकती है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का भी किया जिक्र

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इसमें कौशल, नवाचार, भारतीय ज्ञान परंपरा और विद्यार्थियों के समग्र विकास पर विशेष जोर दिया गया है। उत्तराखंड में भी इस नीति को प्रभावी ढंग से लागू करने की दिशा में काम किया जा रहा है।

उन्होंने राज्य में विज्ञान, शोध और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया। धामी ने बताया कि देहरादून में साइंस सिटी विकसित करने और युवाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप कौशल से जोड़ने पर भी सरकार का फोकस है।

योग और आयुर्वेद के क्षेत्र में पतंजलि की भूमिका का उल्लेख

सीएम धामी ने स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण के कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों ने योग, आयुर्वेद, शिक्षा, अनुसंधान और जन-स्वास्थ्य के क्षेत्र में लगातार काम किया है। स्वामी रामदेव की योग को व्यापक स्तर पर पहुंचाने में भूमिका और आचार्य बालकृष्ण के आयुर्वेद संबंधी अध्ययन एवं शोध कार्यों का भी उन्होंने जिक्र किया।

वहीं, कार्यक्रम में स्वामी रामदेव ने आधुनिक चिकित्सा और आयुर्वेद को लेकर अपने विचार भी रखे। उनके कुछ दावों की रिपोर्टिंग कार्यक्रम के दौरान उनके वक्तव्य के रूप में हुई है; उन्हें स्वतंत्र चिकित्सकीय निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

उत्तराखंड को ज्ञान और आयुर्वेद का केंद्र बनाने की तैयारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड को पर्यटन के साथ-साथ ज्ञान, योग, आयुर्वेद और अध्यात्म के प्रमुख वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। उनके अनुसार पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम् जैसे संस्थान इस दिशा में सहयोगी भूमिका निभा सकते हैं।

उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में यह संस्थान देश के साथ-साथ दुनिया के विद्यार्थियों के लिए ज्ञान, विज्ञान, योग और आयुर्वेद के अध्ययन का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।

गुरुकुल शिक्षा में आधुनिक शिक्षा का समावेश

पतंजलि गुरुकुलम् की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक संस्थान की शिक्षा व्यवस्था में वैदिक परंपरा के साथ आधुनिक शिक्षा को भी शामिल किया गया है। गुरुकुलम् की विभिन्न शाखाएं भारतीय शिक्षा बोर्ड से संबद्ध बताई गई हैं।

हरिद्वार में हुए इस कार्यक्रम के साथ भारतीय परंपरागत शिक्षा और आधुनिक ज्ञान के समन्वय को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हुई है। अब इस नए गुरुकुलम् में शिक्षा, योग और आयुर्वेद के क्षेत्र में किस तरह की गतिविधियां और अध्ययन कार्यक्रम आगे बढ़ते हैं, इस पर नजर रहेगी।

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