नई दिल्ली, 23 सितंबर 2026 । राजधानी दिल्ली में महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए दिल्ली पुलिस में विशेष ‘पिंक फोर्स’ गठित करने की तैयारी है। दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में इस दिशा में आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। प्रस्तावित पिंक फोर्स में प्रशिक्षित महिला पुलिसकर्मियों को शामिल किया जाएगा और उनकी तैनाती स्कूलों, कॉलेजों, मेट्रो स्टेशनों तथा अन्य संवेदनशील स्थानों पर की जाएगी।
- एलजी ने मंगलवार को जय सिंह रोड स्थित पुलिस मुख्यालय के ऑडिटोरियम में एसीपी और उससे ऊपर के अफसरों के साथ बैठक की।
- यह 24 जून के बाद उनका PHQ का दूसरा दौरा था। उन्होंने अधिकारियों से अब तक शुरू की गई पहलों के बजाय उनके जमीनी असर और परिणामों की जानकारी ली।
- उन्होंने कहा कि लक्ष्य साफ है, ‘दिल्ली को सुरक्षित बनाना और लोगों का पुलिस पर भरोसा बढ़ाना।’
- एलजी ने जनसुनवाई में आने वाली शिकायतों की डिजिटल ट्रैकिंग व्यवस्था लागू करने, हर शिकायत की प्राप्ति की पुष्टि करने और तय डेडलाइन में एक्शन के निर्देश भी दिए।
- एलजी ने दूसरे विभागों से जुड़ी शिकायतें तुरंत उन्हें भेजने को कहा। पैदल और बाइक गश्त (पेट्रोलिंग) बढ़ाने, बाजारों, स्कूल-कॉलेज और ट्रांसपोर्ट हब जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने पर भी जोर दिया।
- स्कूलों में POCSO, बाल सुरक्षा, साइबर क्राइम, नशे और सड़क सुरक्षा पर नियमित जागरूकता कार्यक्रम के भी निर्देश दिए।
गोवा की तर्ज पर तैयार होगी पिंक फोर्स
बैठक के दौरान दिल्ली में प्रस्तावित महिला-केंद्रित पेट्रोलिंग यूनिट को गोवा पुलिस की ‘पिंक फोर्स’ की तर्ज पर विकसित करने की बात कही गई। इसका प्रमुख उद्देश्य संवेदनशील इलाकों में महिला पुलिस की दृश्य मौजूदगी बढ़ाना और जरूरत पड़ने पर तेजी से पुलिस सहायता उपलब्ध कराना है। खासतौर पर उन स्थानों और समय को प्राथमिकता दी जाएगी, जहां महिलाओं और युवतियों की सुरक्षा को लेकर अधिक सतर्कता की जरूरत होती है।
हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक अभी पिंक फोर्स की कुल संख्या, औपचारिक शुरुआत की तारीख, जिला स्तर पर तैनाती और पेट्रोलिंग का विस्तृत शेड्यूल घोषित नहीं किया गया है।
स्कूल-कॉलेज और मेट्रो स्टेशन होंगे प्रमुख क्षेत्र
नई महिला पेट्रोलिंग यूनिट की तैनाती स्कूलों, कॉलेजों और मेट्रो स्टेशनों के आसपास विशेष रूप से की जाएगी। इसके अलावा ऐसे संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले स्थान भी चिन्हित किए जाएंगे, जहां महिलाओं से संबंधित शिकायतों या उत्पीड़न की आशंका अधिक रहती है।
दिल्ली पुलिस को अपराध-प्रवण और अधिक भीड़ वाले इलाकों में पैदल और मोटरसाइकिल पेट्रोलिंग बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए हैं। बाजारों और ट्रांसपोर्ट हब जैसे स्थानों पर पुलिस की दृश्य मौजूदगी मजबूत करने पर जोर दिया गया है।
पिंक फोर्स के साथ सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं से छेड़छाड़ और उत्पीड़न के खिलाफ ‘ऑपरेशन शिष्टाचार’ के तहत कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं। इससे महिला सुरक्षा के लिए पहले से चल रही पुलिस व्यवस्था के साथ नई महिला-केंद्रित पेट्रोलिंग यूनिट को जोड़ने की योजना सामने आती है।
रिपोर्टों के अनुसार दिल्ली पुलिस पहले भी स्कूलों, कॉलेजों, बाजारों और मेट्रो स्टेशनों के आसपास महिला पुलिसकर्मियों की स्कूटर और बीट पेट्रोलिंग करती रही है। प्रस्तावित पिंक फोर्स इस तरह की व्यवस्था को एक समर्पित और अधिक स्पष्ट महिला पेट्रोलिंग यूनिट के रूप में मजबूत कर सकती है।
बच्चों की सुरक्षा पर भी विशेष जोर
बैठक में महिलाओं की सुरक्षा के साथ बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी कई निर्देश दिए गए। स्कूलों में POCSO कानून, बाल सुरक्षा, साइबर अपराध, नशे के खतरे और सड़क सुरक्षा को लेकर नियमित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने पर जोर दिया गया है।
प्रत्येक पुलिस जिले में इसके लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने और तिमाही आधार पर जागरूकता कार्यक्रमों का कैलेंडर तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। स्कूलों और आरडब्ल्यूए के सहयोग से बच्चों के लिए खेल गतिविधियां आयोजित करने की बात भी सामने आई है।
बैठक में जनसुनवाई से जुड़ी शिकायतों को डिजिटल माध्यम से ट्रैक करने की व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए गए। शिकायत मिलने के बाद उसकी जानकारी शिकायतकर्ता तक पहुंचाने, तय समयसीमा में कार्रवाई करने और यदि मामला किसी दूसरे विभाग से जुड़ा हो तो उसे संबंधित विभाग तक भेजने पर जोर दिया गया है।
इसके अलावा साइबर अपराध से जुड़ी शिकायतों और डिजिटल साक्ष्यों से निपटने की पुलिस की क्षमता बढ़ाने तथा ड्रग तस्करी के नेटवर्क पर खुफिया सूचना के आधार पर कार्रवाई तेज करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
दिल्ली पुलिस में महिला सुरक्षा के लिए पहले भी उठे हैं कदम
दिल्ली पुलिस ने जून 2026 में उत्तर जिले के सब्जी मंडी क्षेत्र में अपना पहला महिला पुलिस थाना भी शुरू किया था। दिल्ली पुलिस के अनुसार यह थाना महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों की रोकथाम और जांच के लिए समर्पित व्यवस्था के रूप में स्थापित किया गया है।
अब प्रस्तावित पिंक फोर्स को सार्वजनिक स्थानों पर महिला पुलिस की सक्रिय मौजूदगी बढ़ाने की दिशा में एक अलग पहल के तौर पर देखा जा रहा है। इसकी वास्तविक प्रभावशीलता तैनाती की संख्या, संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान, प्रतिक्रिया समय और नियमित पेट्रोलिंग व्यवस्था पर निर्भर करेगी।